Petrol Diesel Price 02 February 2026: पेट्रोल-डीजल हुआ सस्ता, 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती, जानिए 2 फरवरी को आपके शहर में क्या है ईंधन का रेट / Image: IBC24 Customized
बिजनेस: Petrol Diesel Price 02 February 2026: अमेरिका के टैरिफ वॉर और कई देशों से तल्ख रिश्तों के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असर घरेलू बाजार में भी तेल की कीमतों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में कच्चे तेल के रेट में बदलाव होने के बाद एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में कमी आई है। पेट्रोल-डीजल के नए रेट 1 फरवरी 2026 से देशभर में लागू कर दिए गए हैं।
Petrol Diesel Price 02 February 2026: मिली जानकारी के अनुसार श्रीलंका की सरकारी कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल-डीजल के की कीमतों में 2 रुपए कटौती करने का ऐलान किया है। सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार व्हाइट डीज़ल और ऑक्टेन 92 की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है।
व्हाइट डीज़ल और ऑक्टेन 92 की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की कमी आने के बाद व्हाइट डीज़ल 277 रुपए प्रति लीटर हो गया है। वहीं, ऑक्टेन 92 का दाम 292 रुपए प्रति लीटर हो गया है। बता दें कि दिसंबर 2025 में ग्लोबल तेल बाज़ार में लंबे समय तक मंदी का दौर रहा, कीमतें 2021 की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले मासिक औसत पर पहुंच गई।
दिसंबर के आखिर और जनवरी 2026 की शुरुआत में, अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से बाज़ार में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन साल के आखिर तक स्ट्रक्चरल सरप्लस ही मुख्य मुद्दा बना रहा। वहीं, स्थानीय स्तर पर, श्रीलंका का रुपया दिसंबर में कमज़ोर होता रहा।
दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार ने भी 1 फरवरी से डीजल की कीमत में सीधे 11.30 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 11.30 रुपए की वृद्धि के बाद अब हाई-स्पीड डीजल की नई कीमत 268.38 रुपए प्रति लीटर तय की गई है। पेट्रोल-डीजल के नए रेट आज यानि 1 फरवरी 2026 से लागू कर दिया गया है।
वहीं, पेट्रोल के दाम में कोई फेरबदल नहीं किया गया है, यह 253.17 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर बना रहेगा। बता दें कि पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की समीक्षा पाक्षिक (हर 15 दिन में) आधार पर की जाती है। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और विनिमय दर (Exchange Rate) को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमतों में इस भारी वृद्धि का सीधा असर परिवहन, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिससे देश में महंगाई और बढ़ सकती है।