मुंबई, दो फरवरी (भाषा) रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 37 पैसे चढ़कर 91.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से घरेलू मुद्रा को बल मिला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपये के लिए बजट ने राहत नहीं, बल्कि आश्वासन दिया है। इसके अलावा सरकार की उच्च उधार योजना से निवेशकों की भावनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के आसार हैं।
सरकार के अगले वित्त वर्ष 2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत अनुमानित राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपये उधार लेने का अनुमान है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.95 पर खुला। फिर थोड़ा मजबूत होकर 91.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 37 पैसे की बढ़त दर्शाता है।
रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा था। हालांकि अंत में 91.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.08 पर था।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.45 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लंबे समय बाद रविवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 588.34 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका
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