Petrol Diesel Price 21 March 2026: पेट्रोल के बाद डीजल भी हुआ महंगा, सीधे 22 रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम! पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने दी जानकारी

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Petrol Diesel Price 21 March 2026: पेट्रोल के बाद डीजल भी हुआ महंगा, सीधे 22 रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम, पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने दी जानकारी

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 09:02 AM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 09:11 AM IST

Petrol Diesel Price 21 March 2026: पेट्रोल के बाद डीजल भी हुआ महंगा, सीधे 22 रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम! Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में ₹22 प्रति लीटर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
  • प्रीमियम पेट्रोल ₹2 महंगा होकर में ₹101.89 प्रति लीटर हो गया
  • दिल्ली में सामान्य पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67

नयी दिल्ली: Petrol Diesel Price 21 March 2026: प्रीमियम या उच्च श्रेणी के पेट्रोल की कीमत में शुक्रवार को दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई, जबकि औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाला थोक डीजल लगभग 22 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। यह वृद्धि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच वैश्विक तेल कीमतों में आए उछाल के बीच हुई है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। उद्योग जगत के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रीमियम 95-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 101.89 रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही, दिल्ली में थोक या औद्योगिक डीजल की कीमतें 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 109.59 रुपये कर दी गई हैं।

पेट्रोल-डीजल के कीमतों में बड़ा बदलाव

Petrol Diesel Price 21 March 2026: ईरान युद्ध तेज होने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें बृहस्पतिवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो बाद में घटकर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। दिल्ली में एक लीटर सामान्य पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये बनी हुई है, जबकि इसी श्रेणी का डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। सामान्य पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग आमतौर पर 91-92 होती है और यह मानक इंजनों के लिए उपयुक्त है। यह रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सही है। दूसरी ओर, प्रीमियम पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग 95-98 होती है, जो इसे अधिक बेहतर इंजनों के लिए आदर्श बनाती है।

डीजल 22 रुपये प्रति लीटर महंगा

एक संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ”प्रीमियम श्रेणी में कुछ वृद्धि की सूचना मिली है, जो (देश में बेचे जाने वाले) कुल पेट्रोल का मुश्किल से 2 से 4 प्रतिशत हिस्सा है। आम आदमी के लिए कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।” अधिकारी ने कहा कि मूल्य निर्धारण का फैसला तेल कंपनियां स्वतंत्र रूप से करती हैं, क्योंकि पेट्रोल और डीजल के मूल्य निर्धारण को क्रमशः 2010 और 2014 में नियंत्रण मुक्त कर दिया गया था।

कच्चे तेल का रेट 108 डॉलर प्रति बैरल

उन्होंने कहा, ”यह (मूल्य निर्धारण) तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) करती हैं। सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को विनियमित नहीं करती है।” सरकार वैश्विक तेल बाजारों पर बारीकी से नजर रख रही है, लेकिन खुदरा ईंधन की कीमतें बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है। तेल विपणन कंपनियों से फिलहाल मौजूदा लागत दबाव को खुद वहन करने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा, ”हमारी प्राथमिकता सभी उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपलब्ध कराना है, जो हम इस पूरे संकट के दौरान कर रहे हैं। अब तक हमने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं।”

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क्या सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ने वाले हैं?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल खुदरा (Retail) कीमतों को बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। तेल कंपनियां मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दबाव को खुद वहन कर रही हैं ताकि आम जनता प्रभावित न हो।

थोक (Bulk) डीजल इतना महंगा क्यों किया गया?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $119 प्रति बैरल तक पहुँचने के कारण लागत बढ़ गई है। औद्योगिक उपयोगकर्ताओं (जैसे फैक्ट्रियां, मॉल, जनरेटर सेट) पर इसका बोझ डाला गया है ताकि रिटेल ग्राहकों को सुरक्षा दी जा सके।

प्रीमियम पेट्रोल और सामान्य पेट्रोल में क्या अंतर है?

सामान्य पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग 91-92 होती है जो रोजमर्रा की गाड़ियों के लिए है। प्रीमियम पेट्रोल (95-98 ऑक्टेन) हाई-परफॉरमेंस इंजन वाली लग्जरी कारों और बाइक्स के लिए बेहतर होता है।

तेल की कीमतों का फैसला अब कौन करता है?

भारत सरकार ने 2010 में पेट्रोल और 2014 में डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त (De-regulated) कर दिया था। अब तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर खुद कीमतें तय करती हैं।

कच्चे तेल (Crude Oil) की वर्तमान स्थिति क्या है?

ईरान युद्ध के चलते कच्चा तेल $119 प्रति बैरल के शिखर को छूने के बाद फिलहाल $108 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। सरकार वैश्विक बाजार पर बारीकी से नजर रख रही है।