नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) एनपीएस वात्सल्य योजना को अधिक आकर्षक बनाने के लिए पीएफआरडीए ने इस योजना के तहत निकलने और निकासी के विकल्पों में कुछ बदलाव किए हैं, जो विशेष रूप से नाबालिगों के लिए तैयार की गई है।
संशोधित नियमों के अनुसार खाता खोलने के तीन साल बाद आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि शिक्षा, चिकित्सा उपचार और निर्दिष्ट विकलांगता के लिए स्वयं के योगदान का 25 प्रतिशत तक आंशिक निकासी के रूप में निकालने की अनुमति दी गई है।
बयान में कहा गया कि यह निकासी 18 वर्ष की आयु से पहले दो बार और 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच दो बार की जा सकती है, जो निर्धारित शर्तों के अधीन होगी। अब तक सदस्य के 18 वर्ष का होने तक अधिकतम तीन बार आंशिक निकासी की जा सकती थी।
निकास विकल्प के संबंध में बताया गया कि सदस्यों के पास एनपीएस टियर-1 (सभी नागरिक मॉडल या कोई अन्य लागू मॉडल) में स्थानांतरित होने या कुल राशि का 80 प्रतिशत तक एकमुश्त निकालने का विकल्प होगा, जबकि न्यूनतम 20 प्रतिशत राशि की पेंशन लेनी होगी।
यदि कुल जमा राशि आठ लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी राशि निकालने की अनुमति होगी। इससे पहले, खाते में उपलब्ध कुल संचित राशि का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा पेंशन खरीदने के लिए उपयोग करना अनिवार्य था और बाकी राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाता था।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण