मुंबई, चार मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जयंत पाटिल ने बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेवगिरि द्वारा वारकरी धर्मग्रंथों पर की गई कथित टिप्पणियों को ‘अत्यंत आहत करने वाली’ बताया और उनसे माफी की मांग की।
उन्होंने सरकार और विधायकों से राज्य की आध्यात्मिक विरासत का सम्मान करने का भी आग्रह किया।
पाटिल ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि ज्ञानेश्वरी, भागवत और संत नामदेव एवं संत तुकाराम के अभंगों को महज टीका या संकलन कहना लाखों अनुयायियों और वारकरी संप्रदाय के लिए अत्यंत आहत करने वाला है।
उन्होंने कहा कि ये ग्रंथ स्वतंत्र व सामाजिक रूप से परिवर्तनकारी धर्मग्रंथ माने जाते हैं, जिन्होंने समानता व भक्ति को बढ़ावा दिया है और महाराष्ट्र की संस्कृति में इन्हें सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है।
पाटिल ने कहा कि इस तरह के वर्णन से समाज में फूट पड़ने का खतरा है और उन्होंने सरकार से जनता और वारकरी संप्रदाय की भावनाओं पर गौर करने का आग्रह किया।
उन्होंने बयान वापस लेने और माफी की मांग की।
वारकरी या भगवान विट्ठल के भक्तों ने इन टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
सरकार ने कहा कि इस संबंध में एक बयान जारी किया जाएगा।
भाषा जितेंद्र सुभाष
सुभाष