कृषि बुनियादी ढांचे के लिए बजट में धन के प्रावधान से खेती को बढ़ावा मिलेगा : साहनी

Ads

कृषि बुनियादी ढांचे के लिए बजट में धन के प्रावधान से खेती को बढ़ावा मिलेगा : साहनी

  •  
  • Publish Date - February 2, 2021 / 02:44 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:55 PM IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा)ब्रिक्स एग्री सरकारी फोरम के अध्यक्ष विक्रमजीत साहनी मंगलवार को कृषि-बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों के लिए बजट 2021 में सरकार द्वारा प्रदान किए गए धन से कृषि क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

साहनी ने कहा कि ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) को 1,000 से अधिक मंडियों तक पहुंचाने और कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) में बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए कृषि बुनियादी ढांचा कोष उपलब्ध कराने जैसे उत्पादन विपणन संबंधी उपाय स्वागतयोग्य कदम हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कृषि ऋण संवितरण लक्ष्य में 10 प्रतिशत वृद्धि कर इसे 16.5 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है तथा किसानों की आय में सुधार के लिए फसल कटाई के बाद के लिए बुनियादी ढाँचे को विकसित करने के मकसद से 100 प्रतिशत तक का कृषि बुनियादी ढांचा एवं विकास उपकर की शुरुआत की है।

मंत्री ने बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एपीएमसी तक कृषि बुनियादी ढांचा कोष का विस्तार किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्री ने बजट में जो घोषणाएं की हैं, वे वास्तव में एक स्वागत योग्य कदम हैं। कृषि उत्पादन को बनाए रखने और प्रसंस्करण के लिए मंडियों के कृषि बुनियादी ढांचे में सुधार करने की भी सख्त आवश्यकता है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि अधिक मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता है क्योंकि यह कृषि बाजार में अधिक पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा लाएगा।

ब्रिक्स के सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर