पुरी ने किया तेल, गैस क्षेत्र में निवेश का आह्वान

पुरी ने किया तेल, गैस क्षेत्र में निवेश का आह्वान

पुरी ने किया तेल, गैस क्षेत्र में निवेश का आह्वान
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: July 30, 2021 8:50 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को देश में तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के लिये विदेशी और निजी निवेश का आह्वान किया। उन्होंने उद्योग से उनके समक्ष आने वाली किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिये खुली नीति और हर प्रकार के समर्थन का वादा किया।

हाल में खोजे गये फील्डों की पेशकश के लिये बुलायी गयी निवेशकों की बैठक में पुरी ने कहा कि भारत जहां एक तरफ दुनिया का तेजी से विकास वाला ऊर्जा बाजार है, वहीं यहां नियम और कानून आधारित व्यवस्था है।उन्होंने कहा, ‘‘सरकार परिवेश को बेहतर बनाने के लिये सुधारों तथा बाधाओं को दूर करने के लिये उठाये जाने वाले कदमों को लेकर आपके साथ भागीदारी के लिये बिल्कुल तैयार है।’’ मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तीव्र वृद्धि के लिए तैयार है और यह ऊर्जा की मांग में वृद्धि में योगदान करने वाली है। और इसे पूरा करने के लिए, घरेलू खोज और उत्पादन को बढ़ाना होगा।

पुरी ने कहा कि वह चाहते हैं कि विदेशी और निजी कंपनियां देश के तेल एवं गैस खोज तथा उत्पादन में शामिल हो। उन्होंने कहा, ‘‘अगर दुनिया में कोई ऊर्जा क्षेत्र में अच्छे निवेश की सोच रहा है तो भारत उनके लिये बेहतर स्थान है।’’

ऑनलाइन बैठक में निजी और विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा, ‘‘मेरा दरवाजा हमेशा खुला है…आप मुझे बताइये कि व्यापारिक निर्णय के लिये हमें यह करना चाहिए, हम वह करेंगे।’’

खोजे गये छोटे फील्ड (डीएसएफ) के तीसरे चरण में 75 खोजों के साथ 32 तेल एवं गैस ब्लॉक की पेशकश की गयी है। इन छोटे एवं दूरदराज क्षेत्र के फील्डों की खोज सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ऑयल इंडिया लि. (ओआईएल) ने की है। लेकिन वित्तीय व्यवस्था और छोटे आकार की वजह से आर्थिक रूप से उनका विकास व्यवहारिक नहीं था। डीएसएफ के तहत कीमत निर्धारण और विपणन समेत उदार नियम एवं शर्तों की पेशकश की जा रही है ताकि इसे व्यवहारिक बनाया जा सके।

पुरी ने कहा कि वह भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर काफी आशावादी है। भारत में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत वैश्विक औसत का एक तिहाई है और आय तथा शहरीकरण बढ़ने पर इसमें वृद्धि होगी।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर


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