रेडिसन की भारत में विस्तार के लिए छोटे शहरों पर नगर, 2030 तक 500 होटल के लक्ष्य पर कायम

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रेडिसन की भारत में विस्तार के लिए छोटे शहरों पर नगर, 2030 तक 500 होटल के लक्ष्य पर कायम

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  • Publish Date - August 2, 2026 / 10:48 AM IST,
    Updated On - August 2, 2026 / 10:48 AM IST

नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) रैडिसन होटल ग्रुप ने भारत को अपने वैश्विक विस्तार का प्रमुख केंद्र बताते हुए वर्ष 2030 तक देश में 500 होटल के परिचालन के लक्ष्य पर कायम रहने की बात कही है। कंपनी का मानना है कि उभरते शहरी केंद्रों और क्षेत्रीय नगरों, धार्मिक पर्यटन स्थलों तथा होटल में बदलाव (मौजूदा होटल को रैडिसन ब्रांड से जोड़ने) के माध्यम से उसका विस्तार और तेज होगा।

रैडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी निखिल शर्मा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि भारत अब केवल एक महत्वपूर्ण बाजार नहीं, बल्कि कंपनी की वैश्विक विकास रणनीति का प्रमुख आधार बन चुका है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने 18 नए होटल के लिए हस्ताक्षर किए हैं और चार नए होटल शुरू किए। इसके साथ ही कंपनी की विकास के तहत परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 98 हो गई है, जबकि इसके 86 शहरों में 142 होटल परिचालन में हैं।

शर्मा के अनुसार, अगले दो साल में कंपनी तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इनमें विकासाधीन होटल को तेजी से परिचालन में लाना, दूसरी, तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों में अपनी मौजूदगी मजबूत करना तथा व्यापारिक, अवकाश और धार्मिक पर्यटन स्थलों में संतुलित विस्तार शामिल है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अब केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे पारंपरिक महानगरों तक सीमित नहीं है। रैडिसन अब राजकोट और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्रों, सिलीगुड़ी जैसे प्रवेश द्वार शहरों, कसौली और गोपालपुर जैसे पर्यटन स्थलों तथा नाथद्वारा और प्रयागराज जैसे धार्मिक केंद्रों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है।

शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कंपनी के भारत स्थित पोर्टफोलियो का आधे से अधिक हिस्सा दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में है। उनका कहना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार, औद्योगिक निवेश और घरेलू पर्यटन में वृद्धि के कारण इन शहरों में होटल उद्योग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

विस्तार की रणनीति पर उन्होंने कहा कि रैडिसन आगे भी एसेट-लाइट रणनीति अपनाए रखेगी, जिसमें प्रबंधन अनुबंध प्रमुख भूमिका निभाएंगे। यह एक ऐसी व्यावसायिक रणनीति है जिसमें कंपनी महंगी भौतिक संपत्तियों (जैसे जमीन, कारखाना, वाहन, मशीनरी आदि) का स्वामित्व कम रखती है और अपने काम के लिए साझेदारी, आउटसोर्सिंग, पट्टा या तीसरे पक्ष के संसाधनों का उपयोग करती है।

साथ ही, होटल में बदलाव कंपनी की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है, क्योंकि इससे कम समय में गुणवत्तापूर्ण होटल नेटवर्क में शामिल किए जा सकते हैं। जिन क्षेत्रों में ब्रांडेड होटल की उपलब्धता अभी सीमित है, वहां नई परियोजनाओं पर भी निवेश जारी रहेगा।

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती हवाई यात्रा लागत के प्रभाव पर शर्मा ने कहा कि फिलहाल कंपनी की बुकिंग पर इसका कोई उल्लेखनीय असर नहीं पड़ा है। उनके अनुसार, भारत में मजबूत घरेलू पर्यटन मांग के कारण देश का आतिथ्य उद्योग इन परिस्थितियों में भी अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है।

भाषा अजय अजय

अजय