नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) आगामी त्योहारों के लिए बाजार में मांग बढ़ने के साथ किसानों की ओर से तिलहनों की आवक घटने के कारण बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में सभी तेल-तिलहनों के दाम मजबूत रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मौजूदा समय में देश में आयातित खाद्य तेलों के मुकाबले बिनौला, सरसों और मूंगफली तेल के दाम ऊंचे हैं। अधिक ऊंचे दाम का लाभ ले चुके किसान अब नीचे दाम (जो न्यूनतम समर्थन मूल्य सा एमएसपी से अधिक ही है) पर अपनी उपज बाजार में बेचने से कतरा रहे हैं। इसलिए बाजार में बिनौला, सोयाबीन और सरसों की आवक कम है। आगामी त्योहारों के लिए खाद्य तेलों की मांग ने भी जोर पकड़ना शुरु कर दिया है। इन परिस्थितियों के बीच सभी तेल-तिलहनों के दाम मजबूत रहे।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को खाद्य तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को नियंत्रित और व्यवस्थित करने पर सबसे अधिक ध्यान देना होगा क्योंकि इसमें मनमाने ढंग से हेरफेर किया जाता है। जैसे कि सरसों और मूंगफली तेल के थोक भाव लगभग बराबर यानी 170 रुपये किलो (1,000 ग्राम) बैठते हैं, लेकिन खुदरा बाजार में सरसों के मुकाबले मूंगफली तेल का दाम काफी ऊंचा रहता है।
सूत्रों ने कहा कि अगर 1,000 ग्राम सरसों तेल का थोक दाम 170 रुपये किलो है तो लीटर (910 ग्राम) में उसका थोक दाम 155 रुपये लीटर बैठना चाहिये। इसमें सारे खर्चो को जोड़ लें तो सरसों का एमआरपी 180-185 रुपये लीटर से अधिक नहीं होना चाहिये। अगर बाजारों में छानबीन करें तो इस मामले में मनमानापन उजागर होता है।
खाद्य तेलों के मामले में देश में दूसरी सबसे बड़ी समस्या आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली करने की मजबूरी है। पैसों की तंगी के शिकार आयातक खाद्य तेल मामले में लगभग आयात पर निर्भर इस देश में लागत से नीचे दाम पर अपने सौदों का निपटान कर रहे हैं। सरकार को इन परिस्थितियों को संज्ञान में लेना होगा।
उन्होंने कहा कि आगे जाकर सरसों की मांग और बढ़ेगी। सोयाबीन की अगली फसल अक्टूबर में आयेगी। सरकार को बिकवाली से बचते हुए सोयाबीन का स्टॉक बनाये रखना चाहिये। सरकार को मूंगफली का भी स्टॉक बचाकर रखना चाहिये।
सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 125 रुपये के सुधार के साथ 8,250-8,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों तेल दादरी 100 रुपये के सुधार के साथ 16,725 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दूसरी ओर सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल क्रमश: 15-15 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,720-2,820 रुपये और 2,720-2,870 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 75-75 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 7,525-7,575 रुपये और 7,375-7,475 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, दिल्ली में सोयाबीन तेल 50 रुपये के सुधार के साथ 15,800 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 50 रुपये के सुधार के साथ 15,650 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 50 रुपये के सुधार के साथ 12,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
औद्योगिक मांग बढ़ने के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 25 रुपये के सुधार के साथ 7,400-7,975 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 50 रुपये के सुधार के साथ 17,150 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 20 रुपये के सुधार के साथ 2,700-3,000 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 100 रुपये के सुधार के साथ 13,900 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली 75 रुपये के सुधार के साथ 15,775 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 75 रुपये के सुधार के साथ 14,575 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
औद्योगिक मांग बढ़ने के बीच बिनौला तेल का दाम 50 रुपये के सुधार के साथ 16,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
भाषा राजेश
अजय
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