जयपुर, 23 मई (भाषा) राजस्थान सरकार ने वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन एवं सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाते हुए सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है।
वित्त विभाग (आय-व्ययक अनुभाग) ने इस बारे में एक विस्तृत परिपत्र जारी किया है। इसमें खर्च को तर्कसंगत बनाने के लिए कई कदम बताए गए हैं जिसमें मंत्रियों और अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहनों की संख्या को सीमित करना और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देना शामिल है।
परिपत्र के अनुसार, सरकार के पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदला जाएगा। पहले चरण में उन अधिकारियों के लिए केवल ईवी खरीदे जाएंगे, जिनका अधिकांश कामकाज शहर के भीतर ही होता है।
इसके अलावा, एक ही स्थान पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को वाहन साझा करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि सरकारी कार्यक्रम सरकारी भवनों में ही आयोजित किए जाएं तथा खर्च कम करने के लिए बैठकों का आयोजन यथासंभव ऑनलाइन के माध्यम से किया जाए।
सरकार ने टिकाऊ कार्य प्रणाली अपनाने पर भी जोर दिया है। विभागों से ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत छतों पर सौर पैनल लगाने को प्रोत्साहित करने और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने को कहा गया है।
यूरिया के उपयोग में कमी और उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
परिपत्र के अनुसार, इन निर्देशों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों की होगी। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में वित्त विभाग इन नियमों में छूट दे सकेगा।
भाषा पृथ्वी रवि कांत योगेश प्रेम
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