रेजरपे ने आईपीओ की मंजूरी के लिए गोपनीय मार्ग से दस्तावेज दाखिल किए

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रेजरपे ने आईपीओ की मंजूरी के लिए गोपनीय मार्ग से दस्तावेज दाखिल किए

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 03:52 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 03:52 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) वित्तीय-प्रौद्योगिकी कंपनी रेजरपे ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बाजार नियामक सेबी के पास गोपनीय रूप से दस्तावेजों का मसौदा जमा किया है। इस निर्गम का आकार 5,000-6,000 करोड़ रुपये के बीच होने की संभावना है।

कंपनी ने सोमवार को जारी सार्वजनिक सूचना में कहा कि उसने “प्रस्तावित आईपीओ के संबंध में अपने इक्विटी शेयरों के लिए मसौदा दस्तावेज सेबी और शेयर बाजारों के पास जमा किया है।”

हालांकि, कंपनी ने निर्गम के आकार का खुलासा नहीं किया है लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि इसका आकार 5,000-6,000 करोड़ रुपये हो सकता है।

वर्ष 2014 में हर्षिल माथुर और शशांक कुमार ने रेजरपे की स्थापना की थी। यह कंपनी एकीकृत मंच के जरिये भुगतान स्वीकृति, बैंकिंग, भुगतान वितरण, पेरोल, ऋण और अन्य वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है।

रेजरपे देशभर में स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) तथा बड़ी कंपनियों जैसे लाखों व्यवसायों को सेवाएं देती है। इसे वर्ष 2020 में ‘यूनिकॉर्न’ (एक अरब डॉलर की कंपनी) का दर्जा मिला था। उसके बाद से यह भुगतान सेवाओं से आगे बढ़कर व्यापक वित्तीय सेवा पारिस्थितिकी विकसित कर चुकी है।

रेजरपे के आईपीओ का अंतिम आकार, मूल्यांकन और समय-सीमा नियामकीय मंजूरी, बाजार परिस्थितियों और अन्य कारकों पर निर्भर करेगा।

गोपनीय फाइलिंग व्यवस्था के तहत कंपनियां अपने मसौदा दस्तावेज सेबी के समक्ष समीक्षा के लिए जमा कर सकती हैं और उन्हें तत्काल सभी व्यावसायिक जानकारियों को सार्वजनिक भी नहीं करना होता है।

यह कदम ऐसे समय आया है जब प्रतिद्वंद्वी कंपनी फोनपे ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए आईपीओ लाने की योजना फिलहाल टाल दी है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय