Twisha Sharma Dead Case : क्या मिटा दिए गए त्विषा शर्मा की मौत के राज़? बिना सील के पड़े रहे सबसे बड़े सबूत, जांच पर उठे गंभीर सवाल

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भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच को लेकर नया विवाद सामने आया है। दस्तावेजों के अनुसार, शुरुआती जांच के दौरान घटनास्थल से जब्त किए गए रस्सी, मोबाइल और लैपटॉप जैसे अहम सबूतों को सीलबंद नहीं किया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस और SIT की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई जा रही है।

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 02:25 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 02:25 PM IST

Twisha Sharma Dead Case/ IMAGE SOURCE : file

HIGHLIGHTS
  • त्विषा शर्मा केस में जब्त किए गए मुख्य सबूतों को सीलबंद न करने का खुलासा।
  • रस्सी, मोबाइल और लैपटॉप बिना सील के रखे जाने पर जांच पर सवाल।
  • मामले में पुलिस और SIT की निष्पक्षता को लेकर नई बहस शुरू।

भोपाल : Twisha Sharma Dead Case :  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। केस से जुड़े जब्ती दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि शुरुआती जांच के दौरान पुलिस स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने मौके से जब्त किए गए अहम साक्ष्यों को सील ही नहीं किया था, जिसके बाद अब भोपाल पुलिस और एसआईटी की निष्पक्षता और दावों पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

मुख्य सबूतों को नहीं किया गया सीलबंद

सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, बीते 13 मई को पुलिस द्वारा मामले से जुड़ी पहली जब्ती की गई थी। इस कार्रवाई के दौरान सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने घटनास्थल से घटना में इस्तेमाल रस्सी, मृतका का मोबाइल और लैपटॉप बरामद किया था, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इन मुख्य सुबूतों को सीलबंद नहीं किया गया।

गिरिबाला सिंह का मोबाइल-हेडफोन सीलबंद मिले

केस से जुड़े अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई बाकी की कार्रवाइयों में पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है। दस्तावेजों के अनुसार 23 मई को की गई दूसरी जब्ती में गिरिबाला सिंह का मोबाइल और हेडफोन पूरी तरह सीलबंद मिले थे। पहली जब्ती के सामान को सील न किए जाने की वजह से अब जांच पर सवाल उठ रहे हैं और आशंका जताई जा रही है कि खुले रखे गए मोबाइल, लैपटॉप और रस्सी जैसे अहम डिजिटल और भौतिक सुबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है।एक तरफ जहां भोपाल पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का दावा कर रही थी, वहीं सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा की इस बड़ी लापरवाही ने पूरी तफ्तीश को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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