आरबीआई ने बैंकों के लिये आवेदनों के आकलन को लेकर समिति गठित की

आरबीआई ने बैंकों के लिये आवेदनों के आकलन को लेकर समिति गठित की

आरबीआई ने बैंकों के लिये आवेदनों के आकलन को लेकर समिति गठित की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:42 pm IST
Published Date: March 22, 2021 2:38 pm IST

मुंबई, 22 मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को सार्वभौमिक बैंकों और लघु वित्त बैंकों के लिये आवेदनों के आकलन को लेकर आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामल गोपीनाथ की अध्यक्षता में स्थायी बाह्य परामर्शदात्री समिति (एसईएसी) के गठन की घोषणा की।

आरबीआई ने अगस्त 2016 में सब प्रकार की (यूनिवर्सल) बैंक सेवाएं देने वाले बैंक के लिये सदा सुलभ लाइसेंस व्यवस्था और दिसंबर 2019 में लघु वित्त बैंक के सदा सुलभ लाइसेंस नीति को लेकर दिशानिर्देश जारी किये थे।

इन दिशानिर्देशों में यह संकेत दिया गया था कि सार्वभौमिक बैंक और लघु वित्त बैंकों के आवेदनों की जांच शुरू में आरबीआई करेगा ताकि आवेदनकर्ताओं की पात्रता प्रथम दृष्टया तय की जा सके।

इसमें यह भी कहा गया था कि एसईएसी में बैंक, वित्तीय क्षेत्र और अन्य संबंधित क्षेत्रों के चर्चित लोग होंगे। आरबीआई के बाद समिति आवेदनों का आकलन करेगी और एसईएसी का गठन की घोषणा केंद्रीय बैंक करेगा।

आरबीआई ने केंद्रीय बैंक की पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति की घोषणा करते हुए कहा कि एसईएसी का कार्यकाल तीन साल का होगा।

आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल में निदेशक रेवती अय्यर, आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक और फिलहल एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के चेयरमैन बी माहापात्र, केनरा बैंक के पूर्व चेयरमैन टी एन मनोहरन, पीएफआरडीए (पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण) के पूर्व चेयरमैन हेमंत जी कांट्रैक्टर इसके सदस्य हैं।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर


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