मुंबई, 12 जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने मोगावीरा सहकारी बैंक, मुंबई की वित्तीय स्थिति में गिरावट को देखते हुए इसपर कई पाबंदियां लगा दी हैं। इसके तहत खाताधारकों के लिए पैसे निकालने की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बयान में कहा कि ये पाबंदियां शुक्रवार को कारोबार बंद होने के बाद से लागू हुईं, जो छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी होंगी। हालांकि, इनकी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।
बयान के अनुसार, सहकारी बैंक अब कोई भी ऋण और उधार को मंजूर नहीं दे सकेगा और न ही मौजूदा ऋणों का नवीनीकरण कर पाएगा। इसके अलावा, बैंक किसी प्रकार का निवेश नहीं कर सकेगा, कोई नयी देनदारी नहीं ले सकेगा तथा उधार लेने और नए जमा स्वीकार करने पर भी रोक रहेगी।
बयान में कहा गया, ‘‘बैंक की वर्तमान नकदी स्थिति को देखते हुए उसे निर्देश दिया गया है कि वह किसी भी जमाकर्ता को उसके बचत, चालू अथवा अन्य किसी खाते से अधिकतम एक लाख रुपये तक की निकासी की अनुमति दे।’’
आरबीआई ने कहा कि बैंक के कामकाज में सुधार के लिए वह लगातार उसके निदेशक मंडल और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ संपर्क में था।
बयान में कहा, ‘‘हालांकि, बैंक ने निगरानी संबंधी चिंताओं को दूर करने और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया। इसी कारण ये निर्देश जारी करना आवश्यक हो गया।’’
भाषा यासिर रमण
रमण