आरबीआई ने बैंकों की विदेशी मुद्रा स्थिति में बदलाव का प्रस्ताव दिया

आरबीआई ने बैंकों की विदेशी मुद्रा स्थिति में बदलाव का प्रस्ताव दिया

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 10:11 PM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 10:11 PM IST

मुंबई, 15 जनवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को बैंकों की विदेशी मुद्रा स्थिति को नियंत्रित करने वाले नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार मौजूदा निर्देशों की व्यापक समीक्षा के बाद ‘नेट ओपन पोजिशन’ (एनओपी) के नियमों में संशोधन किए गए हैं।

एनओपी का मतलब बैंकों की कुल विदेशी मुद्रा संपत्ति और देनदारियों के बीच के अंतर से है, जो मुद्रा के उतार-चढ़ाव या विनिमय दर जोखिम के प्रति उनके जोखिम स्तर को दर्शाता है।

आरबीआई ने कहा कि प्रस्तावित दिशानिर्देश बैंकिंग पर्यवेक्षण पर बासेल समिति (बीसीबीएस) के मानकों के अधिक अनुरूप हैं। रिजर्व बैंक ने यह भी कहा कि वह सभी विनियमित संस्थाओं में इनका समान रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा।

संशोधनों में ‘ऑफशोर/ऑनशोर’ के लिए अलग-अलग एनओपी गणना को खत्म करना और विदेशी परिचालनों से मिले संचित अधिशेष को एनओपी में शामिल करना शामिल है।

इसमें वास्तविक एनओपी पर विदेशी मुद्रा जोखिम पूंजी शुल्क बनाए रखने और एनओपी की गणना के लिए ‘शॉर्टहैंड’ पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव भी दिया गया है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण