बीड, चार मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के बीड में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने डेढ़ महीने से अधिक समय पहले फरार एक वरिष्ठ अधिकारी को पुणे जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
जीएसटी अधिकारी सचिन नारायण जाधवर 17 जनवरी को धुले-सोलापुर राजमार्ग के कपिलधरवाड़ी खंड में एक कार में मृत पाए गए थे। पुलिस ने उस समय दावा किया था कि घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में कार्य संबंधी मुद्दों का जिक्र था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ जीएसटी अधिकारी प्रदीप फाटे को समन्वित अभियान के बाद पुणे जिले के लोनिकंद क्षेत्र से पकड़ा गया। वह 40 दिनों से अधिक समय से फरार थे।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह मामला 16 जनवरी 2026 का है, जब सचिन जाधवर काम पर जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। सत्रह जनवरी को धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनकी अपनी कार में संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव मिला। इस घटना से जिले और राज्य के प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैल गई।’’
मृत अधिकारी की पत्नी मयूरी जाधवर द्वारा कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए विस्तृत शिकायत दर्ज कराने के बाद जांच में तेजी आई।
प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोप है कि फाटे ने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जाधवर को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
शिकायत में कहा गया है कि फाटे नियमित रूप से सहकर्मियों की उपस्थिति में जाधवर को अपमानित करते थे और उस पर अवैध कार्यों से संबंधित फाइल पास करने या विशिष्ट निजी कंपनियों के पक्ष में काम करने के लिए दबाव डालते थे।
इसमें यह भी कहा गया है कि बढ़ते दबाव और अनैतिक आचरणों में धकेले जाने के कारण विवश होकर जाधवर ने यह कदम उठाया।
इससे पहले 23 जनवरी को मामला दर्ज होने के बाद फाटे भूमिगत हो गये और अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
भाषा रंजन सुरेश
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