मुंबई, सात सितंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को दो नीलामियों के जरिये बैंकिंग प्रणाली से छह लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त नकदी जुटाई। हालांकि, बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी होने के बावजूद बैंकों की दोनों नीलामियों में प्रतिक्रिया बहुत उत्साहजनक नहीं रही।
पिछले सप्ताह घोषित 30 दिन की परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी में बैंकों की प्रतिक्रिया कमजोर रही। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने दिन के पहले हिस्से में एक और नीलामी की घोषणा की।
आधिकारिक बयान के अनुसार, सात लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले पहली नीलामी में बैंकों ने 30 दिन की वीआरआरआर के लिए केवल 2.59 लाख करोड़ रुपये से कुछ अधिक की बोलियां लगाईं।
आरबीआई के अनुसार, 30 दिन की वीआरआरआर के लिए प्राप्त बोलियां 5.24 प्रतिशत की ‘कट-ऑफ’ दर और भारित औसत दर पर स्वीकार की गईं।
इसके तुरंत बाद आरबीआई ने पांच लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के साथ एक दिन की वीआरआरआर नीलामी की घोषणा की, जो पूर्वाह्न 11.30 बजे पूरी हुई।
दूसरी नीलामी में बाजार की प्रतिक्रिया थोड़ी बेहतर रही। इसमें 3,53,390 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं, जो अधिसूचित राशि की 70 प्रतिशत से अधिक हैं। इससे संकेत मिलता है कि ऋणदाता कम अवधि के लिए अपनी अतिरिक्त राशि रखने को लेकर अधिक सहज हैं।
एक दिन की वीआरआरआर नीलामी में आरबीआई ने पूरी राशि 5.24 प्रतिशत की ‘कट-ऑफ’ दर और भारित औसत दर पर स्वीकार की।
वीआरआरआर नीलामी एक मौद्रिक नीति घटक है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय बैंक बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी जुटाने के लिए करता है।
छह सितंबर तक बैंकिंग प्रणाली में करीब 11.16 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी होने का अनुमान था।
बैंकिंग प्रणाली में विशेष विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) जमा योजना के तहत बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आने के बाद आरबीआई ने नकदी को बाहर निकालने के उपाय तेज कर दिए हैं।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, उसके विशेष विदेशी मुद्रा उपायों के तहत 31 अगस्त तक 136.38 अरब डॉलर जुटाए गए।
केंद्रीय बैंक ने रेपो दर के अनुरूप नकदी प्रबंधन करने के लिए अगस्त से लेकर सितंबर में अब तक 32 वीआरआरआर नीलामियां की हैं। इनकी अवधि एक दिन से लेकर 14 दिन तक रही है।
भाषा निहारिका अजय
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