नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के कारोबार को अलग करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। हालांकि, कंपनी को इस प्रस्ताव के लिए शेयर बाजारों से अनापत्ति मिल गई है।
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसे छह अगस्त, 2026 को आरबीआई का पत्र मिला है, जिसमें कहा गया है कि आवेदन पर विचार करने के बाद कारोबार को अलग करने के प्रस्ताव से जुड़े अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया।
कंपनी ने कहा, ‘‘सात अगस्त, 2026 को रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) को भी इसी तरह का पत्र प्राप्त हुआ। आरईएल और आरएफएल नियामक के साथ बातचीत करेंगे।’’
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने बताया कि इस योजना के लिए उसे एनएसई से अनापत्ति और बीएसई लिमिटेड से बिना किसी प्रतिकूल टिप्पणी वाला पत्र मिल चुका है।
बर्मन परिवार समर्थित रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने फरवरी में अपने वित्तीय सेवा और बीमा कारोबार को दो अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित करने की योजना को मंजूरी दी थी। इस पुनर्गठन का उद्देश्य शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजित करना और दोनों कारोबारों को अपने-अपने क्षेत्र में विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रस्तावित योजना के तहत रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के पास केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड में उसकी हिस्सेदारी बनी रहती।
वहीं, ऋण, ब्रोकिंग, निवेश गतिविधियों और संबंधित सेवाओं वाले वित्तीय सेवा कारोबार को चालू इकाई के रूप में उसकी अनुषंगी कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड को हस्तांतरित किया जाना था।
भाषा यासिर रमण
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