नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत, ब्रिक्स समूह की अलग मुद्रा शुरू करने के पक्ष में नहीं है और ऐसी किसी योजना का समर्थन नहीं करता है।
ब्रिक्स समूह में दुनिया की उभरती और विकासशील 11 अर्थव्यवस्थाएं – ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं।
यह समूह वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श तथा सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करता है।
जयपुर में ब्रिक्स देशों के व्यापार एवं उद्योग मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक के समापन के बाद गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भारत ब्रिक्स मुद्रा के पक्ष में नहीं है। हम इसके पक्ष में नहीं हैं कि ब्रिक्स मुद्रा जैसी नयी योजना लाई जाय। भारत का उसपर विरोध है।’’
गोयल का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि वर्ष 2024 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को अमेरिकी डॉलर के स्थान पर किसी अन्य मुद्रा को बढ़ावा देने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी थी।
पिछले कुछ वर्षों में ब्रिक्स के सदस्य देश, खासकर रूस और चीन, अमेरिकी डॉलर के विकल्प की तलाश तथा अलग ब्रिक्स मुद्रा की संभावनाओं पर चर्चा करते रहे हैं।
गोयल ने बताया कि बैठक में सदस्य देशों के बीच संतुलित व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा हुई। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए आसान तथा पर्याप्त वित्त उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया।
भाषा यासिर रमण
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