नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पोषक तत्वों से समृद्ध किये गये (फोर्टिफाइड) खराब गुणवत्ता के फार्चून सूरजमुखी खाद्य तेल बनाने और बेचने के मामले में खाद्य तेल कंपनी एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड पर जुर्माना लगाया है।
अहमदाबाद स्थित एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड ‘फॉर्च्यून’ ब्रांड के तहत खाद्य तेल बेचती है। वर्ष 2025-26 में कंपनी का कारोबार 74,730.67 करोड़ रुपये का था।
यह कार्रवाई नियामक द्वारा गोवा से लिए गए एक नमूने के प्रयोगशाला परीक्षण में ‘विटामिन डी’ का स्तर निर्धारित सीमा से काफी कम पाए जाने के बाद की गई है।
एफएसएसएआई ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि इस मामले में एक आदेश पारित किया गया है और कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है।
नियामक ने कहा कि यह आदेश एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड (मैंगलोर) के खिलाफ खराब गुणवत्ता वाला फोर्टिफाइड खाद्य तेल बनाने और विपणन करने के मामले में पारित किया गया है।
फोर्टिफाइड सूरजमुखी खाद्य तेल वह तेल होता है जिसमें पोषण बढ़ाने के लिए विटामिन ए और विटामिन डी जैसे अतिरिक्त पोषक तत्व मिलाए जाते हैं।
यह कार्रवाई तब की गई जब नियामक ने पाया कि गोवा से लिया गया एक नमूना प्रयोगशाला परीक्षण में विफल हो गया, क्योंकि उसमें विटामिन डी का स्तर तय सीमा से काफी कम था।
एफएसएसएआई ने बताया कि एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड (मंगलुरु) के खिलाफ ‘घटिया गुणवत्ता का फोर्टिफाइड खाद्यतेल (फॉर्च्यून ‘फ्रायोला’ रिफाइंड सूरजमुखी के बीज का तेल) बनाने और बेचने’ के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
उल्लंघनों का विवरण साझा करते हुए एफएसएसएआई ने बताया कि एक लीटर के फॉर्च्यून ‘फ्रायोला’ रिफाइंड सूरजमुखी तेल (सीड) ताज फोर्ट अगुडा रिजॉर्ट एंड स्पा, गोवा से एकत्र किया गया था।
प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला की जांच में पाया गया कि यह फोर्टिफाइड खाद्य तेल खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियमन, 2018 के तहत निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा।
एफएसएसएआई ने कहा कि उत्पाद में विटामिन ए और विटामिन डी का स्तर निर्धारित सीमा से कम था। इस कारण इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 3(1)(जेडएक्स) के तहत मानक से कम गुणवत्ता वाला घोषित किया गया।
कंपनी की अपील पर नमूने की जांच रेफरल प्रयोगशाला में कराई गई, जिसमें भी विटामिन डी का स्तर निर्धारित सीमा से काफी कम होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने अभियोजन चलाने की मंजूरी दी और मामले की सुनवाई के लिए आवेदन दायर किया गया।
हालांकि, एफएसएसएआई ने जुर्माने की राशि का खुलासा नहीं किया।
कंपनी ने कहा कि वह उचित कानूनी उपाय करेगी। साथ ही उसने दोहराया कि वह एफएसएसएआई के नियमों का पूरी तरह से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिछले कुछ महीनों में, एफएसएसएआई ने अपने कानूनों और नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसाय परिचालकों (एफबीओ) और ई-कॉमर्स मंचों के ख़िलाफ सख्त कार्रवाई की है।
एनर्जी ड्रिंक और शराब बनाने वाली कंपनियां भी नियामक की नजर में आ गई हैं।
भाषा राजेश राजेश रमण
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