आरबीआई ने संभावित सीमापार हमलों, भूकंप जोखिम वाले स्थानों से दूर बनाया डेटा सेंटर

आरबीआई ने संभावित सीमापार हमलों, भूकंप जोखिम वाले स्थानों से दूर बनाया डेटा सेंटर

आरबीआई ने संभावित सीमापार हमलों, भूकंप जोखिम वाले स्थानों से दूर बनाया डेटा सेंटर
Modified Date: February 22, 2026 / 02:51 pm IST
Published Date: February 22, 2026 2:51 pm IST

नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश की महत्वपूर्ण वित्तीय बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और मुख्य प्रणालियों की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से ओडिशा में एक उच्च सुरक्षा वाला डेटा सेंटर बनाया है।

यह केंद्र संभावित सीमापार खतरों और भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रणनीतिक रूप से स्थित है।

विश्लेषकों और अधिकारियों के अनुसार, भुवनेश्वर में बना यह नया केंद्र केंद्रीय बैंक की मुख्य कंप्यूटर प्रणाली और तकनीकी सुविधाओं के लिए बनाया गया है, जो मुद्रा प्रबंधन, भुगतान-निपटान और नियामकीय डेटा को संभालेंगे।

एक विश्लेषक ने बताया, “जब आरबीआई ने 2023 में खुर्दा के इन्फो वैली में 18.55 एकड़ के अपने परिसर का निर्माण शुरू किया, तब बहुत कम लोगों ने इसकी जगह पर सवाल उठाया। संचालन और व्यवस्थापना के अलावा, इस स्थान को चुनते समय रणनीतिक सुरक्षा और सुरक्षित स्थिति जैसे महत्वपूर्ण कारणों को भी ध्यान में रखा गया होगा।’

उन्होंने कहा कि ओडिशा में स्थित यह केंद्र भारत की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं से काफी दूर है, जिससे सीमापार मिसाइल या ड्रोन हमलों का खतरा कम होता है। साथ ही, यह देश के उच्च भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों में नहीं आता, जिससे बड़े भूकंप की संभावना से सुरक्षा मिलती है। ये दोनों बातें महत्वपूर्ण वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखने वाले बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और निरंतरता को मजबूत करती हैं।”

यह आरबीआई का दूसरा डेटा सेंटर है, इसका पहला डेटा सेंटर नवी मुंबई में है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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