आरबीआई रूसी व्यापार साझेदारों को रुपये के उपयोग के विकल्प उपलब्ध कराने पर कर रहा काम
आरबीआई रूसी व्यापार साझेदारों को रुपये के उपयोग के विकल्प उपलब्ध कराने पर कर रहा काम
मुंबई, 19 मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपने रूसी व्यापारिक साझेदारों को भारतीय रुपये के उपयोग के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक मौजूदा रूसी व्यापार साझेदारों के संचित भारतीय रुपये का निपटान करने को लेकर भारत में आयात के लिए या पूंजी निवेश करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
आरबीआई के विदेशी मुद्रा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक एन सेंथिल कुमार ने मुंबई में आयोजित रूस-भारत मंच में कहा, ‘‘हम रूसी साझेदारों द्वारा यहां संचित भारतीय रुपये का उपयोग आयात के लिए या भारत में पूंजी निवेश आदि के लिए करने के विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं।’’
पिछले कुछ वर्षों से, दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार निपटान के लिए स्थानीय मुद्राओं पर ध्यान दे रहे हैं और डॉलर पर निर्भरता कम की है। पिछले वर्ष, आरबीआई को सरकारी प्रतिभूतियों में अधिशेष शेष राशि का निवेश करने की अनुमति दी गई थी।
कुमार ने स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन करने में संबंधित पक्षों के बीच ‘सुस्ती’ का उल्लेख किया और कहा कि इसे दूर करने की आवश्यकता है।
कुमार ने कहा, ‘‘निर्यातकों और आयातकों के बीच स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को लेकर कुछ हद तक भरोसा होना चाहिए। इससे रुपये में होने वाले लेन-देन का स्तर बढ़ेगा।”
इसके अतिरिक्त, उन्होंने रुपये-रूबल लेन-देन बढ़ाने का भी आग्रह किया।
कुमार ने कहा, ‘‘लेन-देन के बिना बाजार विकसित नहीं हो सकता। इसलिए, जैसे-जैसे हम लेन-देन करते रहेंगे और देखेंगे कि रुपये-रूबल सौदों में लोगों की रुचि बढ़ रही है, वैसे-वैसे बाजार विकसित होता जाएगा।”
भाषा रमण अजय
अजय

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