Bhopal EID Controversy : ईद पर अपने ही समाज के दुकानदारों के खरीदें सामान.. इस मुस्लिम समिति ने छेड़ी नई मुहिम, जवाब में हिंदू संगठनों ने भी लिया ये फैसला
Bhopal में ईद से पहले खरीदारी को लेकर धार्मिक संगठनों की अपील ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बाजारों में त्योहार के साथ सामाजिक और राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
Bhopal EID Controversy / Image Source : AI GENERATED
- ईद खरीदारी को लेकर मुस्लिम संगठनों की अपील
- जवाब में हिंदू संगठनों ने भी दी प्रतिक्रिया
- त्योहारों के बीच बाजार और धर्म पर नई बहस
भोपाल: Bhopal News मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस वक्त एक नया विवाद गहरा गया है। विवाद है ‘अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार’। ईद से पहले मुस्लिम संगठनों ने अपील की है कि रमजान और ईद की खरीदारी सिर्फ मुस्लिम दुकानदारों से की जाए। इस पर हिंदू संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। भोपाल के बाजारों में रमजान की रौनक शुरू होने वाली है, लेकिन इस बार रौनक के साथ-साथ सियासत और ध्रुवीकरण की तपिश भी महसूस की जा रही है।
” अपने त्योहार की खरीदारी केवल मुसलमान दुकानदारों से ही “
भोपाल अहले सुन्नत समिति और AIMIM के सदस्यों ने एक मुहिम छेड़ी है। Bhopal EID Controversy EID 2026 इनका कहना है कि मुसलमान अपने त्योहार की खरीदारी केवल मुसलमान दुकानदारों से ही करें। मुस्लिम संगठन अहले सुन्नत समिति के महासचिव और AIMIM नेता तौकीर निजामी का तर्क है कि जब देश में एक पक्ष अपनों से व्यवहार की बात कर रहा है, तो वे भी अपने समाज की आर्थिक मजबूती के लिए यह अपील कर रहे हैं।
हिंदू उत्सव समिति ने भी की अपील
मुस्लिम संगठन का बयान आते ही हिंदू उत्सव समिति ने पलटवार करते हुए कहा कि मुस्लिम संगठन पहले मस्जिदों और पर्चों के जरिए चुपचाप ऐसी अपील करते थे, लेकिन अब वे इसे खुलकर सार्वजनिक मंचों पर कह रहे हैं। इसलिए हम भी नवरात्रि के मौके पर हिंदुओं से अपील करते हैं कि सामान हिंदुओं से ही खरीदें।
महाकुंभ 2025 के फैसले का पलटवार
इस अभियान को प्रयागराज महाकुंभ 2025 के उस फैसले का पलटवार माना जा रहा है, जिसमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मेले में मुस्लिम दुकानदारों के प्रवेश और दुकान लगाने पर रोक लगाने की बात कही थी। इसके बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अखाड़ा परिषद की मांग का समर्थन करते हुए कहा था “जिसे सनातन से नफरत है उन्हें कुंभ आने की जरूरत नहीं, मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है।” Bhopal EID Controversy इस धार्मिक सियासत के खिलाफ कांग्रेस भी नजर आ रही है, तो भाजपा समर्थन कर रही है।
क्या बाजार भी अब मजहब के आधार पर तय होंगे ?
भोपाल में चल रही इस धार्मिक सियासत से कई सवाल खड़े होते हैं। क्या त्योहार जो कभी मेल-मिलाप और भाईचारे की पहचान होते थे, अब आर्थिक बहिष्कार और धर्म के खांचों में बंटते नजर आएंगे? क्या बाजार भी अब मजहब के आधार पर तय होंगे, या फिर त्योहार वही रहेंगे जिनके लिए कहा जाता था कि त्योहार लोगों को जोड़ते हैं, न कि तोड़ते हैं।

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