Freedom of Religion Amendment Bill: ‘भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा धर्मांतरण, 20 साल बाद क्यों आई कानून की याद?’.. प्रस्तावित संशोधन बिल मामले में कांग्रेस ने साधा निशाना..

Chhattisgarh Freedom of Religion Amendment Bill 2026: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2026 पर BJP पर हमला, धर्मांतरण और आदिवासी अधिकारों का मुद्दा उठाया।

Freedom of Religion Amendment Bill: ‘भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा धर्मांतरण, 20 साल बाद क्यों आई कानून की याद?’.. प्रस्तावित संशोधन बिल मामले में कांग्रेस ने साधा निशाना..

Chhattisgarh Freedom of Religion Amendment Bill 2026 || Image- Symbolic (Canva)

Modified Date: March 19, 2026 / 04:07 pm IST
Published Date: March 19, 2026 4:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस ने धर्मांतरण मुद्दे पर BJP को निशाना बनाया
  • आदिवासी सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा
  • गैस सिलेंडर कमी और कालाबाजारी पर घेराबंदी

रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार के प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2026 को लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया है। (Chhattisgarh Freedom of Religion Amendment Bill 2026) उन्होंने कहा कि धर्मांतरण भाजपा के लिए चुनाव जीतने का एक बड़ा हथियार और राजनीतिक एजेंडा है। दीपक बैज ने कहा कि यह बिल 2006 में पास किया गया था, लेकिन तब राज्यपाल ने इसे वापस कर दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 20 साल तक भाजपा इस मुद्दे पर चुप क्यों रही और अब अचानक क्यों इसे मुद्दा बनाया जा रहा है।

‘ भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा धर्मांतरण’ : दीपक बैज

इसके साथ ही PCC चीफ दीपक बैज ने आरोप लगाया कि जाति और धर्म की राजनीति सिर्फ भाजपा करती है और उनका विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना था कि भाजपा लोग आपस में लड़ाकर अपना राजनीतिक फायदा उठाती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा धर्मांतरण हुए हैं, लेकिन इसे रोकने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए यह कानून लाया जा रहा है।

‘किया जाएगा आदिवासी सलाहकार समिति का गठन’ : दीपक बैज

दिल्ली में आदिवासी कांग्रेस की राष्ट्रीय सलाहकार समिति की बैठक से लौटने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बैठक में आदिवासियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आदिवासी विकास परिषद का गठन किया गया है। (Chhattisgarh Freedom of Religion Amendment Bill 2026) उन्होंने बताया कि प्रदेश में भी आदिवासी सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा, जो आदिवासियों के मुद्दों पर चर्चा करेगी, उनकी आवाज उठाएगी और संघर्ष करेगी।

‘भाजपा शासन में खनिज संसाधनों’ : दीपक बैज

बैज ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और पेशा एक्ट को कैसे मजबूत किया जाए, इस पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदिवासियों का मुद्दा केवल चुनावी राजनीति का विषय नहीं है। उन्होंने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर आरोप लगाया कि वह आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों की लूट में लगी हुई है और इसे बचाना बड़ी चुनौती है।

गैस सिलेंडर की कमी पर भी सरकार की घेराबंदी

गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता सीधे गैस एजेंसियों के सामने जाकर जनता से बातचीत करें, बजाय इसके कि वे कमरे में बैठकर यह कहते रहें कि सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। (Chhattisgarh Freedom of Religion Amendment Bill 2026) बैज ने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, जनता केवल गैस सिलेंडर के लिए लाइन में लग रही है, लेकिन सरकार इस समस्या को हल करने में नाकाम है।

क्या है छग धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2026?

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2026 एक प्रस्तावित कानून है। इसका उद्देश्य राज्य में जबरन या अवैध धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है। इस विधेयक को राज्य सरकार ने मंजूरी दी थी और आज इसे विधानसभा में पेश किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लाया जा रहा है।

संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध

विधेयक के मुख्य नियम और दंड के तहत अवैध धर्मांतरण को बल, प्रलोभन, दबाव, कपट और डिजिटल माध्यम से परिभाषित किया गया है। विधेयक स्पष्ट करता है कि अपने पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा। इस प्रकार का अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा, (CG Dharma Swatantrya Amendment Bill 2026) जिसकी सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी।

क्या है विधेयक में सजा का प्रावधान?

अवैध धर्मांतरण के लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान इस प्रकार है: सामान्य अवैध धर्मांतरण के लिए 7 से 10 वर्ष की जेल और 25 लाख रुपये से अधिक जुर्माने का प्रावधान है।

अनुसूचित वर्ग के खिलाफ अपराध में दंड के प्रावधान

नाबालिग, महिला, SC/ST/OBC के प्रति किए गए अपराध में 10 से 20 वर्ष की जेल और 10 लाख रुपये से अधिक जुर्माना तथा सामूहिक धर्मांतरण के मामले में 10 वर्ष से अधिक आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये से अधिक जुर्माना शामिल है।

सूचना संबंधी नियम क्या है?

स्वैच्छिक धर्मांतरण की प्रक्रिया में व्यक्ति द्वारा सूचना देना, (CG Dharma Swatantrya Amendment Bill 2026) जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देना और 30 दिनों तक सार्वजनिक सूचना देना शामिल है।

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