खाद्य प्रसंस्करण संवर्धन परिषद के गठन की सिफारिश

खाद्य प्रसंस्करण संवर्धन परिषद के गठन की सिफारिश

खाद्य प्रसंस्करण संवर्धन परिषद के गठन की सिफारिश
Modified Date: January 20, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: January 20, 2026 10:33 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) भारत के खाद्य प्रसंस्करण परिवेश को मजबूत करने के बारे में दो दिवसीय गहन बैठक मंगलवार को उदयपुर में समाप्त हुआ। इसमें राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण संवर्धन परिषद के गठन और भारत गुणवत्ता खाद्य चिन्ह लाने की सिफारिशें की गईं।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान की अध्यक्षता में हुए इस बैठक में 22 केंद्रीय मंत्रालयों, 27 राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों, 30 से ज्यादा उद्योग के सदस्यों, शिक्षण संस्थानों, निफ्टेम और इन्वेस्ट इंडिया ने हिस्सा लिया।

चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए, पासवान ने एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और सबको साथ लेकर चलने वाला खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र बनाने के सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

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उन्होंने कहा, ‘‘खाद्य प्रसंस्करण कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने, भारत के निर्यात दायरे को बढ़ाने और देश को उच्च गुणवत्ता, मूल्य वर्धित और टिकाऊ खाद्य उत्पाद के भरोसेमंद वैश्विक आपूर्तिकर्ता के तौर पर स्थापित करने के लिए एक जरूरी स्तंभ है।’’

एक सरकारी बयान के अनुसार, मंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र कैसे किसानों की आय बढ़ा सकता है, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम कर सकता है, मूल्य वर्धन को बढ़ावा दे सकता है, खाद्य सुरक्षा और पोषण को मजबूत कर सकता है और खासकर युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सकता है।

पासवान ने सभी अंशधारकों से बैठक में आई सिफारिशों को समय पर लागू करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि खाद्य प्रसंस्करण में वैश्विक अगुवा बनने के भारत के सपने को पूरा करने के लिए केंद्र, राज्यों, उद्योग और संस्थानों के बीच लगातार तालमेल बहुत जरूरी है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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