अंतिम छोर तक कर्ज प्रवाह बढ़ाने पर ध्यान दें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक: वित्तीय सेवा सचिव
अंतिम छोर तक कर्ज प्रवाह बढ़ाने पर ध्यान दें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक: वित्तीय सेवा सचिव
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने मंगलवार को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) से बेहतर वित्तीय प्रदर्शन बनाए रखने और अंतिम छोर तक ऋण प्रवाह को और मजबूत करने का आग्रह किया।
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि आरआरबी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 में 49 प्रतिशत बढ़कर 10,176 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 6,820 करोड़ रुपये था।
मंत्रालय के अनुसार, आरआरबी की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनएनपीए) यानी फंसा कर्ज भी घटकर अब तक के सबसे निचले स्तर क्रमशः 5.3 प्रतिशत और 2.1 प्रतिशत पर आ गया।
लोहिया ने यहां आरआरबी के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में सभी आरआरबी के उल्लेखनीय प्रदर्शन की सराहना की।
वर्तमान में 28 आरआरबी 26 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 700 जिलों में 22,273 शाखाओं के माध्यम से काम कर रहे हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि सभी 28 आरआरबी का कुल कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 में 13.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो कुछ व्यक्तिगत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के कारोबार से भी अधिक है।
बयान में कहा गया कि आरआरबी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण देने के सभी निर्धारित लक्ष्यों और उप-लक्ष्यों को लगातार पूरा कर रहे हैं। यह समाज के वंचित और कम सेवा प्राप्त वर्गों को ऋण उपलब्ध कराने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 54.98 लाख से अधिक नए खाते खोले हैं।
बयान के अनुसार, आरआरबी के ऋण-जमा अनुपात में भी लगातार वृद्धि हुई है और वित्त वर्ष 2025-26 में यह अब तक के उच्चतम स्तर 75.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।
सचिव ने आरआरबी के प्रमुखों (चेयरपर्सन) को संबोधित करते हुए प्रायोजक बैंकों से ग्रामीण बैंकों की विकास यात्रा विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे को मजबूत करने के क्षेत्र में सहयोग देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आरआरबी को आधुनिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी अपनाने और डिजिटल माध्यम से वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में तेजी लानी चाहिए, ताकि उनकी कार्यक्षमता और ग्राहकों का अनुभव बेहतर हो सके। साथ ही ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो तथा डिजिटल बैंकिंग का लाभ देश के हर वर्ग, खासकर युवाओं तक पहुंचे।
लोहिया ने आरआरबी प्रमुखों से अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत पहल करने और जहां संभव हो, ऋण देने के नए एवं नवोन्मेषी तरीकों को अपनाने का आग्रह किया।
बयान के अनुसार, बैठक में नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) के चेयरमैन, सभी 28 आरआरबी के चेयरपर्सन, वित्तीय सेवा विभाग, प्रायोजक बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के अधिकारी शामिल हुए।
भाषा रमण अजय
अजय

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