नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को जियो की कृत्रिम मेधा (एआई) पहल के केंद्र में देश की इंजीनियरिंग प्रतिभा को रखते हुए उनसे ‘भारत के लिए निर्माण’ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ अब क्रियान्वयन के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।
अंबानी ने कहा कि भारत को केवल विदेशों में विकसित एआई का उपभोक्ता बनकर ही नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे एआई क्षेत्र का एक सृजनकर्ता, उसे अपनाने वाला और वैश्विक अगुवा बनना चाहिए।
उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले वर्ष घोषित उपक्रम ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ का उद्देश्य उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों के लिए बड़े पैमाने पर लाभकारी एआई अवसंरचना, प्लेटफॉर्म और सेवाओं का निर्माण करना है।
उन्होंने कहा, “हमने स्पष्ट दृष्टि के साथ इसकी शुरुआत की, प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान की और गूगल, मेटा एवं एनवीडिया के साथ सही साझेदारियां बनानी शुरू कीं। अब हम इसके अगले चरण क्रियान्वयन में प्रवेश कर रहे हैं।”
अंबानी ने कहा कि जिस तरह जियो ने एक दशक पहले सभी लोगों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का वादा पूरा किया था, उसी तरह अब रिलायंस इंटेलिजेंस हर किसी तक एआई पहुंचाने का वादा कर रही है। उन्होंने कहा, ‘और हमें इस वादे को भी पूरा करना होगा।’
उन्होंने कहा कि जियो की सफलता हजारों युवा भारतीय इंजीनियरों के साहस, रचनात्मकता और प्रतिबद्धता का परिणाम है, जिन्होंने यह धारणा तोड़ी कि भारत महज विदेशी प्रौद्योगिकी का आयात कर सकता है।
अंबानी ने कहा कि अब जियो केवल प्रौद्योगिकी का एकीकरण नहीं कर रही, बल्कि मूल प्रौद्योगिकी का विकास भी कर रही है।
उन्होंने युवा इंजीनियरों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं पर काम करने और 1.5 अरब भारतीयों के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने का अवसर मिलेगा, जिससे भारत में विकसित नवाचार को दुनिया भी अपनाएगी।
अंबानी ने कहा, “आइए, हमारे साथ मिलकर भारत के लिए निर्माण करें। मानवता की सेवा करने वाला एआई बनाएं। ऐसा एआई बनाएं जो शक्तिशाली, भरोसेमंद एवं किफायती हो, जो हर भारतीय भाषा में सक्षम हो और किसानों, छात्रों, डॉक्टरों, दुकानदारों, श्रमिकों, सृजनकर्ताओं एवं परिवारों को सशक्त बनाए।”
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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