नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा इकाई रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड (आरआरवीएल) का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 21.9 प्रतिशत बढ़कर 3,457 करोड़ रुपये रहा।
वित्त वर्ष 2025-26 की सितंबर तिमाही में कंपनी का सकल राजस्व 18 प्रतिशत बढ़कर 90,018 करोड़ रुपये रहा। त्योहारी खरीदारी और स्टोर की परिचालन क्षमता बढ़ने के कारण यह वृद्धि हुई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने शेयर बाजार को बताया कि एक साल पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल आय 76,302 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 2,836 करोड़ रुपये था।
रिलायंस रिटेल का परिचालन राजस्व सितंबर तिमाही में 19 प्रतिशत बढ़कर 79,128 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 66,502 करोड़ रुपये था।
आरआईएल ने कहा, ”किराना और फैशन एवं लाइफस्टाइल कारोबारों में क्रमशः 23 प्रतिशत और 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसकी मुख्य वजह त्योहारी खरीदारी रही। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में जीएसटी दर में कमी और नई पेशकश के कारण सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई।”
देश के सबसे बड़े खुदरा विक्रेता ने सितंबर तिमाही में 412 दुकानें जोड़कर नए स्टोर खोलने का सिलसिला जारी रखा। इसके अलावा कंपनी फटाफट सामान पहुंचाने के कारोबार में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
सितंबर तिमाही के अंत तक, रिलायंस रिटेल के 19,821 स्टोर थे, जो 7.78 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे।
कंपनी का पंजीकृत ग्राहक आधार बढ़कर 3.69 करोड़ हो गया, जिससे रिलायंस रिटेल देश के सबसे पसंदीदा खुदरा विक्रेताओं में से एक बन गयी है।
आरआईएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, ”मुझे अपने खुदरा कारोबार की वृद्धि गति के बारे में बताते हुए खुशी हो रही है। सभी प्रारूपों में उच्च मात्रा दर्ज की गई, जिससे राजस्व और कर-पूर्व आय में मजबूत वृद्धि हुई। हमारे क्विक कॉमर्स कारोबार में भी तेजी से वृद्धि हुई है।”
उन्होंने कहा कि इसके अलावा जीएसटी में किए गए सुधारों उपभोग आधारित वृद्धि को समर्थन मिल रहा है।
रिलायंस रिटेल ने सितंबर तिमाही के दौरान 43.4 करोड़ लेनदेन दर्ज किए, जो एक साल पहले इसी तिमाही की तुलना में 26.5 प्रतिशत अधिक है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान त्योहारी मांग के कारण किराना कारोबार में मुख्य श्रेणियों में दोहरे अंकों की वृद्धि हुई।
आरआरवीएल की कार्यकारी निदेशक ईशा एम अंबानी ने कहा, ”रिलायंस रिटेल ने तिमाही के दौरान मजबूत प्रदर्शन किया। इसका श्रेय परिचालन उत्कृष्टता, स्टोर और डिजिटल मंच में किए गए निवेश और विभिन्न उपभोग समूहों में त्योहारी खरीदारी को जाता है।”
उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव से उपभोग वृद्धि में और तेजी आएगी, क्योंकि उपभोक्ताओं को चीजें अब सस्ती मिलेंगी।
भाषा पाण्डेय रमण
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