(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/ वाशिंगटन, सात फरवरी (भाषा) अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी किसानों एवं उत्पादकों को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक तक बेहतर पहुंच दिला रहे हैं।
अमेरिका की विदेशी व्यापार नीति के विकास और प्रोत्साहन के लिए जिम्मेदार संस्था यूएसटीआर ने कहा कि भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर शुल्क खत्म करने या घटाने की प्रतिबद्धता जताई है।
यूएसटीआर ने स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “पेड़ों से मिलने वाले मेवों, पशु आहार में प्रयुक्त होने वाले अनाज अवशिष्ट से लेकर लाल ज्वार और ताजे एवं प्रसंस्कृत फलों तक, अमेरिका-भारत समझौते से अमेरिकी उत्पादों के लिए नया बाजार खुलेगा।”
व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी किसानों और उत्पादकों की पहुंच को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक तक बढ़ा रहे हैं। भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं कृषि उत्पादों पर शुल्क घटाने या हटाने, लंबे समय से चली आ रही गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने, अधिक अमेरिकी वस्तुएं एवं सेवाएं खरीदने और 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पादों की खरीद पर सहमति जताई है।’
समझौते के प्रावधानों का स्वागत करते हुए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि दूत जैमीसन ग्रीर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की ‘सौदा करने की खूबी’ से अमेरिकी श्रमिकों और उत्पादकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के द्वार खुल रहे हैं।
ग्रीर ने एक बयान में कहा, “आज की घोषणा अमेरिका और भारत के बीच गहराते संबंधों को दर्शाती है, जिससे दोनों देशों के किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।”
अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय एवं निवास ‘व्हाइट हाउस’ ने एक संयुक्त बयान में कहा कि दोनों पक्ष एक दूसरे के लिए लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर पहुंच गए हैं।
ग्रीर ने कहा कि यह समझौता अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करने के साथ भारत के 1.4 अरब से अधिक उपभोक्ताओं वाले बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने में मदद करेगा।
उन्होंने इस दिशा में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व और ‘निष्पक्ष एवं संतुलित व्यापार’ के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
भाषा प्रेम