Sonia Gandhi Voter List Controversy: सोनिया गांधी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल किया जवाब, पूर्व अध्यक्ष पर है नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम होने का आरोप

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Sonia Gandhi Voter List Controversy: सोनिया गांधी ने नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम के आरोप मामले में कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया

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  • Publish Date - February 7, 2026 / 01:12 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 02:07 PM IST

Sonia Gandhi Voter List Controversy/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • सोनिया गांधी ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया।
  • नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम के आरोप मामले में सोनिया गांधी ने दाखिल किया जवाब
  • इस मामले में 21 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई होगी।

Sonia Gandhi Voter List Controversy: नई दिल्ली: कांग्रेस की दिग्गज नेत्री और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम के आरोप मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को अपना जवाब दाखिल किया (Sonia Gandhi Voter List Controversy) । सोनिया गांधी ने यह जवाब वकील विकास त्रिपाठी की रिवीजन पिटीशन पर दाखिल किया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 फरवरी का दिन निर्धारित किया गया है।

कोर्ट ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस से मांगा था जवाब

Sonia Gandhi Voter List Controversy: बता दें कि, कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर भी याचिका दायर की गई थी। इस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था, क्योंकि, क्योंकि वह पर्याप्त साक्ष्य के बिना दायर थी। हालांकि बाद में एक रिवीजन याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने सोनिया गांधी और दिल्ली  (Sonia Gandhi Voter List Controversy) पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

क्या है पूरा विवाद?

Sonia Gandhi Voter List Controversy: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, यह पूरा विवाद सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में नागरिकता हासिल करने से पहले शामिल किए जाने को लेकर है। इसे चुनावी कानून का उल्लंघन बताया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में दवा किया है कि, सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली संसदीय (Sonia Gandhi Voter List Controversy) क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज किया गया था, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को मिली थी। इसका मतलब है कि, नामांकन के समय सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं। याचिकाकर्ता की तरफ से लगाए गए आरोप में ये भी कहा है कि, उनका नाम पहले 1980 में दर्ज हुआ, फिर 1982 में हटाया गया, और बाद में 1983 में दोबारा सूची में डाला गया।

आरोपों को कांग्रेस ने बताया निराधार

Sonia Gandhi Voter List Controversy: वहीं इस पूरे मामले कांग्रेस नेताओं के बयान भी सामने आए थे। कांग्रेस नेताओं ने सोनिया गांधी पर लगे (Sonia Gandhi Voter List Controversy) आरोपों को निराधार बताया है। वायनाड से कांग्रेस संसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि, सोनिया गांधी ने केवल भारतीय नागरिकता मिलने के बाद ही वोट डाला, और उन पर इस तरह के आरोप लगाना “अनावश्यक” है। वहीं कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा था कि, सोनिया गांधी ने खुद नाम मतदाता सूची में जोड़ने का आग्रह नहीं किया था, यह उस समय चुनाव आयोग या अधिकारियों का फैसला था।

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सोनिया गांधी वोटर लिस्ट विवाद क्या है?

सोनिया गांधी वोटर लिस्ट विवाद उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिकता मिलने से पहले उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया था।

सोनिया गांधी ने इस मामले में कोर्ट में क्या जवाब दाखिल किया है?

सोनिया गांधी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अपने वकील के माध्यम से जवाब दाखिल किया है और आरोपों को निराधार बताया है।

सोनिया गांधी मामले में अगली सुनवाई कब होगी?

इस मामले में सोनिया गांधी से जुड़े विवाद की अगली सुनवाई 21 फरवरी को तय की गई है।

सोनिया गांधी पर लगे आरोपों पर कांग्रेस का क्या कहना है?

कांग्रेस का कहना है कि सोनिया गांधी ने नागरिकता मिलने के बाद ही मतदान किया और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

सोनिया गांधी वोटर लिस्ट विवाद में कोर्ट ने एफआईआर पर क्या फैसला दिया?

कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को पर्याप्त सबूत न होने के कारण खारिज कर दिया था।