(बरुण झा)
दावोस, 20 जनवरी (भाषा) भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में वृद्धि के बड़े अवसरों पर भरोसा जताते हुए स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिन्यू के प्रमुख सुमंत सिन्हा ने कहा कि उनका समूह लालच में आए बिना या सब कुछ एक साथ करने के बजाय नपे-तुले और स्मार्ट तरीके से विस्तार करेगा।
उन्होंने कहा कि एआई और डेटा सेंटर बिजली की भारी मांग पैदा कर रहे हैं, और भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा इसका 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा कर सकती है।
सिन्हा ने यहां विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, ”हम पहले से ही स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में हैं, और हम भंडारण पर ध्यान दे रहे हैं, जो एक अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र है।”
उन्होंने कहा, ”हम सौर पैनल और सौर सेल का निर्माण कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि हम वहां एक विनिर्माण परिवेश बनाएंगे। इसके बाद हम आगे के क्षेत्रों जैसे हरित हाइड्रोजन, हरित अमोनिया और डेटा सेंटर आदि पर ध्यान देंगे।”
यह पूछने पर कि क्या रिन्यू पूरी मूल्य श्रृंखला में जाना चाहती है, तो उन्होंने कहा, ”हम ऐसा स्मार्ट तरीके से करेंगे। हम लालची नहीं बनना चाहते, जहां सब कुछ एक साथ किया जाए, क्योंकि ऐसा करना एक अच्छी रणनीति नहीं है। इसलिए हम इसे नपे-तुले तरीके से करेंगे, लेकिन आखिरकार इरादा इन क्षेत्रों में प्रवेश करने का है।”
नवीकरणीय ऊर्जा पर एआई के प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि एआई उपकरणों का उपयोग संपत्तियों के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, जिससे कार्यक्षमता में 2-3 प्रतिशत का सुधार हो सकता है।
सिन्हा ने कहा, ”हालांकि यह भी एक बड़ा सुधार है, लेकिन सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि एआई को बढ़ने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। यह बिजली ज्यादातर नवीकरणीय ऊर्जा से ही आनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर स्थापित करने वाले खरीदार पर्यावरण अनुकूलता पर बहुत ध्यान दे रहे हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
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