Raghav Chadha On Prepaid Plans: एक साल में 13 बार रिचार्ज, एक्टिव प्लान नहीं होने पर इनकमिंग कॉल बंद… सदन में राघव चड्ढा ने उठाया ‘प्रीपेड मोबाइल यूजर्स’ का मुद्दा, कर दी ये तीन बड़ी मांग

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Raghav Chadha On Prepaid Plans: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आज संसद में मोबाइल फोन उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया।

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  • Publish Date - March 11, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 04:17 PM IST

Raghav Chadha On Prepaid Plans/Image Credit: Raghav Chadha X Handle

HIGHLIGHTS
  • सांसद राघव चड्ढा ने आज संसद में मोबाइल फोन उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया।
  • TRAI का डेटा बताता है कि, देश में 125 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं।
  • राघव चड्ढा ने रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल के साथ इनकमिंग कॉल का बंद होने का मुद्दा उठाया।

Raghav Chadha On Prepaid Plans: नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आज संसद में मोबाइल फोन उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया। इस दौरान राघव चड्ढा ने संसद में कहा कि, TRAI का डेटा बताता है कि देश में 125 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं। इनमें से 90 फीसदी प्रीपेड मोबाइल यूजर्स हैं। उन्होंने कहा कि, मैं प्री-पेड मोबाइल यूजर्स की ओर से दो बड़ी समस्याएं उठाना चाहता हूं। इसमें पहली समस्या है कि रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल के साथ इनकमिंग कॉल का बंद होना।

राघव चड्ढा ने संसद में उठाया प्री-पेड मोबाइल यूजर्स का मुद्दा

राघव चड्ढा ने राज्यसभा में प्री-पेड मोबाइल यूजर्स उठाते हुए कहा कि, अगर कोई रिचार्ज एक्सपायर हो जाता है, तो आउटगोइंग कॉल्स बंद होना समझ में आता है। लेकिन इनकमिंग कॉल्स भी क्यों बंद कर दी जाती हैं? एक बार वैलिडिटी खत्म हो जाने पर, लोगों से संपर्क नहीं हो पाता है, और बैंक OTP जैसे ज़रूरी मैसेज भी नहीं आ पाते हैं। (Raghav Chadha On Prepaid Plans) इमरजेंसी या अर्जेंट सिचुएशन में, इससे कोई व्यक्ति पूरी तरह से कट सकता है।

‘हमारी डिजिटल पहचान है मोबाइल नंबर’

Raghav Chadha On Prepaid Plans:  सांसद राघव चड्ढा ने आगे कहा कि, आज के समय में हमारा मोबाइल नंबर हमारी डिजिटल पहचान बन चुका है। ये बेहद इसेंशियल है, जैसे बैकिंग, यूपीआई पेमेंट, ट्रेन टिकट ओटीपी, पैन-आधार ऑथेंटिकेशन, इंटरव्यू का कॉल, हॉस्पिटल की कॉल, मां-बाप की कॉल, ये सब इनकमिंग कॉल और इनकमिंग एसएमएस से आती है। ये सब इसलिए बंद हो जाता है क्योंकि इंसान एक रिचार्ज कराना भूल गया।

राघव चड्ढा ने संसद में आगे कहा कि, रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल को बंद करना केवल सर्विस को स्टॉप करना नहीं है, बल्कि ये हमारे राइट टू कम्यूनिकेशन को स्टॉप करना है। राघव चड्ढा ने आगे कहा कि, जैसे आपका आधार कार्ड इसलिए एक्स्पायर नहीं होता क्योंकि आपने डिटेल नहीं भरी, या आपका बैंक खाता इसलिए बंद नहीं होता क्योंकि आपने मंथली डिपॉजिट नहीं भरा। आपका वोटर आईडी इसलिए सस्पेंड नहीं हो जाता क्योंकि आप एक चुनाव में वोट करना भूल गए। उसी तरह आपका मोबाइल नंबर इसलिए सस्पेंड या डिएक्टिवेट नहीं होना चाहिए क्योंकि आपने रिचार्ज नहीं कराया है।

संसद में राघव ने उठाया मंथली प्लान का मुद्दा

राघव चड्ढा ने 28 दिन के रिचार्ज “मंथली” प्लान्स का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, अगर किसी चीज़ को मंथली कहा जाता है, तो उसे 30-31 दिनों के कैलेंडर महीने के हिसाब से होना चाहिए। (Raghav Chadha On Prepaid Plans) 28 दिन के साइकिल की वजह से, कंज्यूमर को असल में एक साल में 13 रिचार्ज के लिए पेमेंट करना पड़ता है। (28 दिन × 13 रिचार्ज = 364 दिन)

राघव चड्ढा ने की तीन अहम मांगे…

Raghav Chadha On Prepaid Plans:  इसके बाद राघव चड्ढा ने कहा कि, मैं फ्री आउटगोइंग और फ्री डेटा की मांग नहीं कर रहा। लेकिन इनकमिंग कॉल फैसिलिटी की गारंटी होनी चाहिए। आप सांसद ने सदन में कहा कि मेरी तीन अहम मांग है-

आखिरी रिचार्ज के बाद कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल्स और SMS आते रहें ताकि ज़रूरी कम्युनिकेशन बंद न हो।

आखिरी रिचार्ज के बाद कम से कम तीन साल तक मोबाइल नंबर डीएक्टिवेट नहीं किया जाना चाहिए।

टेलीकॉम ऑपरेटर्स को उन यूज़र्स के लिए कम कीमत वाला “सिर्फ़ इनकमिंग” प्लान लाना चाहिए, जिन्हें सिर्फ़ ज़रूरी कॉल्स, OTPs और सरकारी सर्विस के लिए अपना नंबर एक्टिव रखना होता है।

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