खुदरा बाजार में चीनी का दाम मामूली घटकर 64.33 रुपये प्रति किलोग्राम पर

खुदरा बाजार में चीनी का दाम मामूली घटकर 64.33 रुपये प्रति किलोग्राम पर

खुदरा बाजार में चीनी का दाम मामूली घटकर 64.33 रुपये प्रति किलोग्राम पर
Modified Date: August 27, 2026 / 08:19 pm IST
Published Date: August 27, 2026 8:19 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) सरकार द्वारा आयात की अनुमति देने, स्टॉक रखने पर पाबंदी लगाने और जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद बृहस्पतिवार को खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें मामूली रूप से घटकर 64.33 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को चीनी की अखिल भारतीय औसत दर 64.33 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो 26 अगस्त को 65.05 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

सरकार द्वारा 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने के बाद मिल दरों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद चीनी की खुदरा कीमतें ऊंची बनी रहीं।

चीनी की मौजूदा औसत कीमत एक महीने पहले के स्तर से 31 प्रतिशत और एक साल पहले की कीमतों से 39 प्रतिशत अधिक है।

आंकड़ों से पता चलता है कि बृहस्पतिवार को चीनी का अधिकतम बिक्री मूल्य 76 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि सबसे मॉडल दर 65 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

बृहस्पतिवार को एक बयान में, भारतीय चीनी एवं जैव-उर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) ने कहा, ‘‘हाल के उच्चतम स्तर से चीनी की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, क्योंकि आपूर्ति-पक्ष के उपाय और बाजार में बेहतर स्थिति का असर दिखने लगा है। उम्मीद है कि यह गिरावट जारी रहेगी क्योंकि त्योहारी खरीदारी सामान्य हो रही है और आने वाले सप्ताहों में नई चीनी उपलब्ध हो जाएगी।’’

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए, केंद्र ने हाल ही में 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी है। इसने डीलर के साथ-साथ पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों जैसे थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक रखने की सीमा तय की है। कुछ महीने पहले ही निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

इस्मा के अनुसार, विपणन वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) में भारत का शुद्ध चीनी उत्पादन (एथनॉल के लिए इस्तेमाल को अलग करने के बाद) लगभग 279 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि शुरुआती स्टॉक या पहले का बचा स्टॉक 50 लाख टन था।

वार्षिक घरेलू मांग 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने से पहले देश ने आठ लाख टन चीनी का निर्यात किया था। इस्मा ने सितंबर के आखिर में पहले का बचा स्टॉक 35 लाख टन रहने का अनुमान लगाया है।

संघ ने बताया कि मौजूदा विपणन वर्ष में कुल 309 लाख टन चीनी के उत्पादन में से 30 लाख टन चीनी को दूसरे कामों में इस्तेमाल करने (डायवर्ट करने) का अनुमान है।

इस्मा ने शुरू में अनुमान लगाया था कि विपणन वर्ष 2025-26 में देश का कुल चीनी उत्पादन 345 लाख टन होगा, लेकिन बाद में खराब मौसम और कीड़ों की वजह से गन्ने की फसल पर असर पड़ने के कारण इस अनुमान को घटा दिया गया।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


लेखक के बारे में