विदेशों में तेजी, रुपये में गिरावट से अधिकांश तेल-तिलहन के दाम मजबूत

विदेशों में तेजी, रुपये में गिरावट से अधिकांश तेल-तिलहन के दाम मजबूत

विदेशों में तेजी, रुपये में गिरावट से अधिकांश तेल-तिलहन के दाम मजबूत
Modified Date: January 21, 2026 / 08:48 pm IST
Published Date: January 21, 2026 8:48 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) विदेशी बाजारों में तेजी के रुख तथा डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को अधिकांश तेल-तिलहनों (सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम में मजबूती रही।

दूसरी ओर, खरीद बढ़ाने के मकसद से प्लांट वालों द्वारा दाम नीचा बोलने के कारण सोयाबीन तिलहन में गिरावट दिखी। सामान्य और सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन का दाम स्थिर रहा।

शिकागो एक्सचेंज में सुधार है। मलेशिया एक्सचेंज में काफी तेजी का रुख है।

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बाजार सूत्रों ने कहा कि कुछ समीक्षकों द्वारा जिस तरह मलेशिया में आगे और तेजी रहने का अनुमान जताया जा रहा है, उससे उनके समीक्षक से कहीं अधिक मलेशियाई कारोबार का अंशधारक होने का संदेह पैदा होता है। जमीनी तथ्य यह है कि जाड़े में पाम-पामोलीन की मांग कमजोर रहती है और पहले से इन दो तेलों के दाम ऊंचा चल रहे हैं और जाड़े में इनके ऊंचा दाम के कारण मांग प्रभावित है।

सट्टेबाजी के कारण पाम-पामोलीन तेल के दाम में सुधार रहा। विदेशी बाजारों में तेजी के रुख और रुपये में गिरावट आने के बीच अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम मजबूत रहे।

उन्होंने कहा कि कपास नरमा की बिक्री के समय अक्टूब-नवंबर में कुछ सट्टेबाज, किसानों से सस्ते में उपज खरीद करने के लिए बिनौला खल का दाम तोड़े हुए थे जिस दाम को इस वक्त बढ़ाया जा रहा है। इस तरह की गतिविधियों को सरकार को नियंत्रित करना होगा। इसके लिए बिनौला खल के वायदा कारोबार को बंद करने के बारे में भी सोचना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि रुपया कमजोर रहने और विदेशों में सुधार के रुख के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम सुधार के साथ बंद हुए। विदेशी बाजारों में तेजी और रुपये में गिरावट रहने के बीच सोयाबीन तेल के दाम में सुधार आया।

प्लांट वालों द्वारा किसानों से अधिक माल खरीद करने के मकसद से सोयाबीन तिलहन का दाम घटाने के कारण इसमें गिरावट देखी गई। मौजूदा समय में सोयाबीन तिलहन का हाजिर दाम अपने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चला गया है।

सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन में स्थिरता रही।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,050-7,075 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,675-7,050 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,575-2,875 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,435-2,535 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,435-2,580 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,325 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,125 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,700 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,350-5,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,050-5,100 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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