मुंबई, 17 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक (नैबफिड) की उप-प्रबंध निदेशक मोनिका कालिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि बुनियादी ढांचा निवेश की बढ़ती जरूरत के बीच बैंकों के लिए कंपनियों को ऋण देने की जोखिम सीमा जल्द खत्म हो सकती है, लिहाजा वैकल्पिक वित्तपोषण ढांचे तलाशने और बैंक पूंजी को फिर से इस्तेमाल में लाने की जरूरत है।
बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण उपलब्ध कराने वाले नैबफिड के ‘बुनियादी ढांचा सम्मेलन 2026’ में एक परिचर्चा के दौरान कालिया ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे के लिए जरूरी निवेश को देखते हुए बैंकों के पास उपलब्ध पूंजी के आधार पर कंपनियों के लिण् ऋण जोखिम की सीमा जल्द पूरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे ढांचे तलाशने की जरूरत है जो बैंकों को अपनी पूंजी में असाधारण वृद्धि किए बिना बुनियादी ढांचा वित्तपोषण जारी रखने में मदद करें।
कालिया ने कहा कि जिन परिसंपत्तियों ने स्थिर नकदी प्रवाह दिखाया है, उन्हें प्रतिभूतिकरण सहित विभिन्न माध्यमों से बैंकिंग प्रणाली से बाहर अन्य निवेशकों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे ऋणों को प्रतिभूतिकरण के जरिये बैंकों की बही-खातों से हटाकर अलग-अलग प्रतिभागियों को हस्तांतरित किया जा सकता है।
कालिया ने कहा, ‘‘केवल पूंजी की उपलब्धता ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पूंजी की लागत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।’’
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