नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसकी फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा ‘वनटैग’ अब ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप पर उपलब्ध है। इसके जरिये उपयोगकर्ता वाहन पर लगे फास्टैग को बदले बिना उससे जुड़े सेवा प्रदाता बैंक को बदल सकते हैं।
एनएचएआई ने बयान में कहा कि ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप उपयोगकर्ताओं को फास्टैग को एक बैंक से दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करेगा। फास्टैग उपयोगकर्ता ऐप में लॉगिन करके अपने वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर यह जांच सकते हैं कि उनका ‘फास्टैग पोर्टेबिलिटी’ के लिए पात्र है या नहीं।
इसके बाद मौजूदा सेवा प्रदाता बैंक उपयोगकर्ता के मोबाइल नंबर पर छह अंकों का मोबाइल सत्यापन कोड (एमवीसी) भेजेगा। सत्यापन के बाद उपयोगकर्ता को नया सेवा प्रदाता बैंक चुनना होगा और नए बैंक के साथ ग्राहक सत्यापन तथा वॉलेट शुरू करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद वाहन के पंजीकरण नंबर से जुड़ी मौजूदा फास्टैग आईडी में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी उपयोगकर्ता उसी फास्टैग को वाहन पर लगाए रखकर नए बैंक के जरिये उसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
बयान में कहा गया कि पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद पुराना सेवा प्रदाता बैंक मौजूदा ‘फास्टैग वॉलेट’ बंद कर देगा और लागू समायोजन के बाद उसमें उपलब्ध राशि वापस कर देगा।
एनएचएआई ने कहा कि ‘इंटरऑपरेबल फास्टैग’ को दोबारा पोर्ट करने से पहले छह महीने की अवधि का अंतर रखना होगा।
बयान के अनुसार, ‘वनटैग’ पहल से बार-बार नए फास्टैग बनाने की जरूरत कम होगी, जिससे फास्टैग के प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया बेहतर होगी और परिचालन, भेजने तथा दोबारा जारी करने की लागत घटेगी।
एनएचएआई ने कहा कि ‘वनटैग’ से सेवा प्रदाता बैंक बदलने की प्रक्रिया भी सरल होगी, ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे और फास्टैग व्यवस्था अधिक परस्पर-संगत तथा कुशल बनेगी।
भाषा योगेश रमण
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