तीन बड़े केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए 3,030 करोड़ रुपये की योजना मंजूर

तीन बड़े केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए 3,030 करोड़ रुपये की योजना मंजूर

तीन बड़े केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए 3,030 करोड़ रुपये की योजना मंजूर
Modified Date: July 24, 2026 / 05:58 pm IST
Published Date: July 24, 2026 5:58 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन बड़े केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए शुक्रवार को 3,030 करोड़ रुपये की एक नई योजना की घोषणा की। इसके जरिए भारत को रसायन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन’ (भव्य-रसायन) को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित इस योजना की कुल लागत 3,030 करोड़ रुपये है। इसमें से 3,000 करोड़ रुपये साझा अवसंरचना एवं बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के लिए निर्धारित हैं।

यह योजना वर्तमान वित्त वर्ष से शुरू होकर 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी।

वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि कम-से-कम 2,000 एकड़ क्षेत्र में स्थापित होने वाले एक केमिकल पार्क में 20,000 करोड़ रुपये से 50,000 करोड़ रुपये तक का निवेश हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना निवेश जुटाने में गुणक का काम करेगी।

उन्होंने ने कहा कि कुल निवेश योजना के लिए निर्धारित राशि से कहीं अधिक होगा, क्योंकि 3,030 करोड़ रुपये केवल बुनियादी ढांचे के लिए केंद्रीय मदद है।

वैष्णव ने कहा कि इन पार्कों का विकास राज्यों के साथ ‘चैलेंज रूट’ के तहत किया जाएगा और हरेक पार्क के लिए न्यूनतम आठ वर्ग किलोमीटर (करीब 2,000 एकड़) निर्बाध भूमि की उपलब्धता जरूरी होगी। ये पार्क ग्रीनफील्ड (नई) या ब्राउनफील्ड (पुरानी) दोनों तरह के हो सकते हैं, जिसका चयन राज्य सरकारें करेंगी।

वैष्णव ने कहा कि रसायन क्षेत्र अर्थव्यवस्था का एक ‘आधारभूत’ क्षेत्र है, जो कई उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, केंद्र सरकार इस योजना के तहत स्थापित होने वाले प्रत्येक पार्क के लिए अधिकतम 1,000 करोड़ रुपये तक का अनुदान देगी। हालांकि संबंधित राज्य सरकार के लिए कम-से-कम 500 करोड़ रुपये का योगदान करना जरूरी होगा।

सरकार ने कहा कि इस योजना से रसायन उद्योग की समूची मूल्य शृंखला का विकास होगा, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी।

सरकार ने कहा कि यह योजना घरेलू एवं विदेशी निवेश आकर्षित करेगी, उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी, जिससे क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

इन पार्कों में सीईटीपी, टीएसडीएफ, जल आपूर्ति प्रणाली, सॉल्वेंट रिकवरी, स्टीम नेटवर्क, पाइपलाइन नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

सरकार ने कहा, ‘इन पार्कों की स्थापना से रसायन उद्योग का टिकाऊ विकास होगा और इसके प्रभाव से कृषि, वस्त्र, दवा, वाहन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में भी विकास को बढ़ावा मिलेगा।’

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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