मुंबई, 18 नवंबर (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में कमजोरी के रुख के अनुरूप, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को सीमित दायरे में कारोबार के दौरान रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले दो पैसे की गिरावट के साथ 88.61 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
कारोबारियों ने कहा कि विदेशी पूंजी प्रवाह में वृद्धि, कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की कम कीमतों ने रुपये की गिरावट को सीमित कर दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 88.67 पर खुला और डॉलर के मुकाबले 88.69 और 88.58 के सीमित दायरे में रहा। अंत में रुपया अपने पिछले बंद स्तर से दो पैसे की गिरावट के साथ 88.61 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
निवेशक बढ़ते आयात खर्च और देश के बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर चिंतित थे।
व्यापारी प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति के साथ-साथ इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले घरेलू पीएमआई आंकड़ों पर भी कड़ी नजर रख रहे थे।
सोमवार को रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे बढ़कर 88.59 पर बंद हुआ।
कारोबारियों के अनुसार, कच्चे तेल की कमजोर कीमतों और व्यापार शुल्क को लेकर उम्मीदों के कारण रुपये को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले अपनी गिरावट को रोकने में मदद मिली।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी सरकार के कामकाज फिर से शुरू करने से आर्थिक आंकड़ों में तेज़ी आएगी, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट बृहस्पतिवार को जारी होने की उम्मीद है।’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती का आकलन करने वाला डॉलर इंडेक्स 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.42 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.96 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर, सेंसेक्स 277.93 अंक गिरकर 84,673.02 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 103.40 अंक के नुकसान के साथ 25,910.05 अंक पर बंद हुआ।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 442.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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