मुंबई, 26 फरवरी (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले रुपया एक पैसे टूटकर 90.92 (अस्थायी) पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और दुनिया की प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मजबूत होने से रुपये पर दबाव रहा।
विदेशीमुद्रा कारोबारियों ने कहा कि हालांकि, विदेशी कोषों का निवेश बढ़ने से रुपये को समर्थन मिला और गिरावट पर अंकुश लग गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, डॉलर के मुकाबले रुपया 90.86 पर खुला और कारोबार के दौरान 90.81-90.93 के सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद अंत में 90.92 (अस्थायी) पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले एक पैसे की गिरावट है।
बुधवार को रुपया सीमित दायरे में रहा और डॉलर के मुकाबले चार पैसे की बढ़त के साथ 90.91 पर बंद हुआ।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने का जोखिम और व्यापार शुल्क की अनिश्चितता के बीच रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में बातचीत होने की संभावना है, और बाजार बैठक के नतीजे पर नजर रखेंगा। कारोबारी अमेरिका से आने वाले साप्ताहिक बेरोजगारी दावे के आंकड़ों से भी संकेत ले सकते हैं।’’
उन्होंने आगे कहा कि डॉलर-रुपये की हाजिर कीमत के 90.60 रुपये से 91.20 रुपये के बीच कारोबार करने की उम्मीद है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.03 प्रतिशत घटकर 97.73 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक कच्चा तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.21 प्रतिशत बढ़कर 71 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 27.46 अंक घटकर 82,248.61 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 14.05 अंक बढ़कर 25,496.55 पर रहा।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 2,991.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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