कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपया 54 पैसे की बढ़त के साथ 95.99 प्रति डॉलर पर
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपया 54 पैसे की बढ़त के साथ 95.99 प्रति डॉलर पर
मुंबई, 27 जुलाई (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने से सोमवार को रुपया 54 पैसे की मजबूत बढ़त के साथ 95.99 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में कमजोरी ने भी रुपये को सहारा दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.18 पर खुला और सत्र में 96.27 के निचले एवं 95.78 के उच्च स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह 95.99 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपये में 54 पैसे की मजबूती रही।
शुक्रवार को रुपया 20 पैसे की बढ़त के साथ 96.53 पर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा 20 मई को 96.86 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले बंद स्तर पर रही थी।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह तक चले तनाव के बाद हमले रुकने से रुपया तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा।
चौधरी ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर में नरमी से भी रुपये को समर्थन मिला। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप की खबरों ने भी बाजार को बल दिया।’’
उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपये की हाजिर विनिमय दर निकट अवधि में 95.50 से 96.20 के दायरे में रह सकती है।
इस बीच, दुनिया छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत गिरकर 101.09 पर आ गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 8.95 प्रतिशत गिरकर 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
घरेलू शेयर बाजार में भी मजबूती का रुख रहा। बीएसई सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत चढ़कर 76,835.78 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 अंक पर पहुंच गया।
हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों से पता चला कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में बिकवाल रहे और उन्होंने सोमवार को शुद्ध रूप से 1,688.23 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

Facebook


