मुंबई, 17 जुलाई (भाषा) रुपया शुक्रवार को 14 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.28 (अस्थायी) पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप के बाद घरेलू मुद्रा में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट थमी।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से स्थानीय मुद्रा पर दबाव है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.35 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 96.27 से 96.41 के दायरे में रहा। अंत में 96.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 14 पैसे की तेजी है।
रुपया बृहस्पतिवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 17 पैसे कमजोर होकर 96.42 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कोषागार प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘संभवतः आरबीआई के हस्तक्षेप से शुक्रवार को रुपये में स्थिरता रही और इसकी चार सत्र की गिरावट थमी।’’
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (शोध विश्लेषक-जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि आगे की दिशा तय करने के लिए बाजार की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों पर रहेगी।
त्रिवेदी ने कहा कि रुपया 96.00 से 96.55 के दायरे में कारोबार कर सकता है। कुल मिलाकर रुख अब भी कमजोरी की ओर संकेत करता है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 100.75 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 964.58 अंक उछलकर 78,151.45 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 261.55 अंक की तेजी के साथ 24,334.30 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85.58 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 4,205.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका निहारिका रमण
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