(जोयता डे)
नयी दिल्ली/लंदन, 28 जुलाई (भाषा) अग्रणी फोन विनिर्माता कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अपने अगले गैलेक्सी स्मार्टफोन में भारतीय उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से विकसित कृत्रिम मेधा (एआई) फीचर पेश करेगी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
सैमसंग के दक्षिण-पश्चिम एशिया क्षेत्र के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जे. बी. पार्क ने कहा कि कंपनी के नोएडा और बेंगलुरु स्थित शोध एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों को समझकर स्थानीय एआई समाधान विकसित कर रहे हैं।
इन एआई फीचर में एक एआई-आधारित बिल भुगतान रिमाइंडर भी शामिल है, जो ईमेल से बार-बार आने वाले बिल को पहचानकर नियत तिथि से पहले सतर्क कर देगा, ताकि विलंब शुल्क से बचा जा सके।
पार्क ने लंदन में भारतीय पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, “हम उपभोक्ताओं के जीवन को आसान बनाने के लिए एआई को निजी सहायक की तरह विकसित कर रहे हैं, चाहे वह वित्तीय प्रबंधन हो, स्मार्ट उपकरणों का नियंत्रण या स्वास्थ्य संबंधी अलर्ट।”
सैमसंग ने कहा कि यह पहल स्मार्टफोन बाजार में एआई फीचर (खूबियों) के जरिये अलग पहचान बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
कंपनी ने भारत में अपने आरएंडडी केंद्रों को मजबूत कर वैश्विक स्तर पर उपयोगी बौद्धिक संपदा (आईपी) विकसित करने का लक्ष्य भी रखा है।
सैमसंग ने पिछले सप्ताह अपनी फोल्डेबल सीरीज के नए ‘जेड8’ फोन की प्री-बुकिंग शुरू होने की भी घोषणा की। इस सीरीज के फोल्डेबल फोन की कीमत 1.25 लाख रुपये से 2.60 लाख रुपये के बीच है।
सैमसंग के फोल्डेबल स्मार्टफोन अब भारत में उसके प्रमुख फोन की बिक्री का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाते हैं और कंपनी को उम्मीद है कि नए डिजाइन के प्रति उपभोक्ताओं के रुझान से इसकी मांग और बढ़ेगी।
पार्क ने कहा कि 2019 में पेश किए जाते समय फोल्डेबल फोन अब तेजी से लोकप्रिय हो रही है। भारत में सैमसंग के प्रीमियम फोन की बिक्री में फोल्डेबल स्मार्टफोन का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि नए डिजाइन एवं आकार वाले फोन की तरफ उपभोक्ताओं के बढ़ते रुझान के साथ इनकी मांग और तेज होने की उम्मीद है। करीब 65 प्रतिशत प्रमुख फोन दूसरी एवं तीसरी श्रेणी के शहरों और ग्रामीण बाजारों में बिक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने की वजह से स्मार्टफोन की कीमत बढ़ना वैश्विक स्तर पर ‘अनिवार्य’ हो गया है, लेकिन सैमसंग मासिक किस्त (ईएमआई) पर ब्याज का बोझ खुद वहन कर उपभोक्ताओं के लिए इसकी खरीद को आसान बना रही है।
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प्रेम अजय
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