एसबीआई छोटे व्यवसायों की ऋण पात्रता आंकने के लिए यूपीआई आंकड़ों का करेगा इस्तेमाल

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एसबीआई छोटे व्यवसायों की ऋण पात्रता आंकने के लिए यूपीआई आंकड़ों का करेगा इस्तेमाल

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 10:31 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 10:31 PM IST

मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) जीएसटी पंजीकरण नहीं रखने वाले छोटी इकाइयों की ऋण पात्रता का आकलन करने के लिए यूपीआई लेनदेन के आंकड़ों का इस्तेमाल करने की व्यवस्था विकसित कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

एसबीआई के प्रबंध निदेशक अश्विनी कुमार तिवारी ने यहां आयोजित वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में कहा कि यदि किसी कारोबार में नियमित बिक्री हो रही है तो यूपीआई लेनदेन को जीएसटी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जीएसटी न रखने वाले कारोबारियों के लिए एक यूपीआई समाधान विकसित कर रहे हैं और यूपीआई लेनदेन को बिक्री के संकेतक के रूप में इस्तेमाल करेंगे।’’

तिवारी ने कहा कि जीएसटी के तहत पंजीकृत कारोबारियों को ऋण देने की चुनौती का बैंक समाधान कर चुका है और ऐसे मामलों में 10 मिनट के भीतर ऋण देने की स्थिति में है। पिछले 18 महीनों में बैंक ने जीएसटी और पैन के आंकड़ों का इस्तेमाल कर एक लाख करोड़ रुपये के ऋण दिए हैं।

हालांकि, जीएसटी नंबर नहीं रखने वाले कारोबारियों के मामले में कठिनाइयां हैं और ऐसे में वैकल्पिक आंकड़े महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

यूपीआई भुगतान से जुड़े मुद्दे पर तिवारी ने कहा कि कर्ज देने वाले बैंक के पास हमेशा यह स्पष्ट जानकारी नहीं होती कि पैसा कहां जा रहा है। हालांकि, प्राप्तकर्ता बैंक और लेनदेन में मदद करने वाले तीसरे पक्ष के भुगतान ऐप के पास यह जानकारी होती है।

उन्होंने कहा कि ग्राहक की सहमति से बैंक यूपीआई भुगतान और दूरसंचार कंपनियों से मिलने वाले आंकड़ों जैसे अन्य स्रोतों का इस्तेमाल करने वाले मॉडल के जरिये ऋण पात्रता का आकलन कर सकता है।

तिवारी ने कहा कि एसबीआई को उम्मीद है कि नए आंकड़ों के आधार पर छोटे कारोबारियों को ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे छोटे कारोबारियों की ऋण संबंधी दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण