न्यायालय ने 500 करोड रुपये की वसूली के लिए आरएकेआईए की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

न्यायालय ने 500 करोड रुपये की वसूली के लिए आरएकेआईए की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

न्यायालय ने 500 करोड रुपये की वसूली के लिए आरएकेआईए की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
Modified Date: August 11, 2026 / 05:57 pm IST
Published Date: August 11, 2026 5:57 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की एक अदालत द्वारा रास अल खैमाह इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (आरएकेआईए) के पक्ष में और हैदराबाद के उद्योगपति निम्मगड्डा प्रसाद तथा उनकी कंपनियों के खिलाफ पारित 500 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश को लागू करने से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहन की पीठ ने आरएकेआईए का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और देनदार प्रसाद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डी एस नायडू की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

आरएकेआईए ने शीर्ष अदालत में प्रसाद और अन्य के खिलाफ यूएई की अदालत के वसूली आदेश को लागू करने की अपील करते हुए चार याचिकाएं दायर की हैं।

याचिका में मैट्रिक्स फार्माकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड, तियानिश लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड और मॉसचिप टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को भी पक्षकार बनाया गया है।

यह मामला ‘वैनपिक प्रोजेक्ट’ से जुड़ा है, जो आंध्र प्रदेश में बंदरगाहों और एक हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए 2008 में शुरू किया गया एक संयुक्त उद्यम था जो बाद में विफल हो गया।

आरएकेआईए का आरोप है कि प्रसाद ने आरएकेआईए के पूर्व सीईओ खाटर मसाद के साथ मिलकर परियोजना के लिए निर्धारित 12 करोड़ अमेरिकी डॉलर का गबन किया था।

भाषा अजय पाण्डेय

अजय


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