खुले बाजार में शेयरों की पुनर्खरीद एक अगस्त से फिर होगी शुरू, सेबी ने दी मंजूरी

खुले बाजार में शेयरों की पुनर्खरीद एक अगस्त से फिर होगी शुरू, सेबी ने दी मंजूरी

खुले बाजार में शेयरों की पुनर्खरीद एक अगस्त से फिर होगी शुरू, सेबी ने दी मंजूरी
Modified Date: June 19, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: June 19, 2026 9:09 pm IST

मुंबई, 19 जून (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को शेयर बाजार के माध्यम से खुले बाजार में शेयरों की पुनर्खरीद को एक अगस्त से दोबारा शुरू करने का फैसला किया।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निदेशक मंडल की बैठक में यह तय किया गया कि पुनर्खरीद की प्रक्रिया निर्गम खुलने की तारीख से 66 कार्य दिवसों के भीतर पूरी करनी होगी। साथ ही, निर्धारित राशि का कम-से-कम 40 प्रतिशत हिस्सा पुनर्खरीद अवधि के पहले आधे हिस्से में उपयोग करना अनिवार्य होगा।

सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने संवाददाताओं से कहा कि कंपनियों को अब अलग से पुनर्खरीद खिड़की बनाए बगैर नियमित खरीद-बिक्री व्यवस्था के जरिए सीधे शेयरों की पुनर्खरीद करने की अनुमति होगी।

पांडेय ने कहा कि कराधान ढांचे में बदलाव को ध्यान में रखते हुए खुले बाजार में पुनर्खरीद की व्यवस्था को दोबारा लागू किया जा रहा है ताकि कंपनियों को पुनर्खरीद के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल सके।

इससे पहले, शेयर बाजार के जरिए खुले बाजार में पुनर्खरीद की व्यवस्था को एक अप्रैल 2025 से बंद कर दिया गया था। उस समय शेयरधारकों के साथ समान व्यवहार और कर संबंधी प्रभावों को लेकर चिंताएं जताई गई थीं।

नए ढांचे के तहत, शेयर पुनर्खरीद को सामान्य बाजार लेनदेन की तरह माना जाएगा और अलग ट्रेडिंग विंडो या खरीददार के रूप में कंपनी की पहचान दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी।

सेबी ने कहा कि इस कदम से पुनर्खरीद से संबंधित नियमों को सरल बनाने, संचालन क्षमता बढ़ाने और कारोबारी सुगमता को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ निवेशकों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।

इसके अलावा, बाजार नियामक ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्खरीद अवधि के दौरान प्रवर्तक या उनके सहयोगियों के शेयरों के लेन-देन पर रोक रहेगी। इसके साथ, कंपनियां न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानकों का उल्लंघन करते हुए पुनर्खरीद की घोषणा नहीं कर सकेंगी।

सेबी ने यह भी कहा कि अब पुनर्खरीद के लिए मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति अनिवार्य नहीं होगी। इसके साथ दो पुनर्खरीद प्रस्तावों के बीच न्यूनतम अंतराल को कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप करने का फैसला भी किया गया है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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