मुंबई, 19 जून (भाषा) बाजार नियामक सेबी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को कई प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें शेयर बाजार के जरिए खुले बाजार से शेयर पुनर्खरीद को फिर शुरू करना, म्यूचुअल फंड के लिए इंट्रा-डे यानी कारोबार के दौरान उधारी मानकों में ढील और निवेशक की मृत्यु के बाद प्रतिभूतियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।
इसके अलावा, निदेशक मंडल ने वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) द्वारा योजनाओं की शुरुआत में तेजी लाने के लिए ‘हरित-चैनल’ व्यवस्था ‘गरुड़’ स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इस व्यवस्था के तहत एआईएफ अपने नियोजन मेमोरेंडम दाखिल करने के 10 कार्यदिवस के भीतर धन जुटाना शुरू कर सकेंगे, जबकि वर्तमान में यह अवधि 30 दिन है।
सेबी के निदेशक मंडल ने कृषि जिंस डेरिवेटिव्स कारोबार को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से उपायों को भी मंजूरी दी।
बैठक में नियामक ने शेयर बाजार के माध्यम से खुले बाजार से शेयर पुनर्खरीद को तेज क्रियान्वयन समयसीमा के साथ फिर से शुरू करने का फैसला किया।
इस पुनर्खरीद पद्धति को फिर से लागू करने से कंपनियों को शेयर पुनर्खरीद के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। साथ ही सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए समान अवसर और कर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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प्रेम रमण
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