Free Ration New Rules 2026: राशनकार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर, गेहूं, चावल लेने के लिए देना होगा डिजिटल रुपया, खाद्य मंत्री ने दी जानकारी

Ads

Free Ration New Rules 2026: राशनकार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर, गेहूं, चावल लेने के लिए देना होगा डिजिटल रुपया, खाद्य मंत्री ने दी जानकारी

  •  
  • Publish Date - August 6, 2026 / 09:34 AM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 10:06 AM IST

Free Ration New Rules 2026: राशनकार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर, गेहूं, चावल लेने के लिए देना होगा डिजिटल रुपया, खाद्य मंत्री ने दी जानकारी / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश में राशन वितरण की डिजिटल शुरुआत
  • मोबाइल वॉलेट में मिलेगा डिजिटल टोकन
  • लीकेज और फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

भोपाल: Free Ration New Rules 2026 मध्यप्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली अब डिजिटल क्रांति की नई दहलीज पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को अब नकद या पारंपरिक व्यवस्था के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के माध्यम से राशन उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है।

टोकन सिस्टम से मिलेगा राशन

Free Ration New Rules 2026 खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार ने इस महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर का चयन किया है। दिसंबर 2026 तक सभी उचित मूल्य दुकानों पर यह व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लागू होने के बाद पात्र हितग्राहियों को हर महीने उनकी खाद्यान्न पात्रता के अनुरूप सीबीडीसी टोकन सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में भेजे जाएंगे। राशन लेने के लिए हितग्राही को केवल अपने मोबाइल ऐप से उचित मूल्य दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करना होगा और टोकन का उपयोग करते ही गेहूं, चावल सहित पात्रता अनुसार खाद्यान्न मिल जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी बनेगी।

डिजिटल रुपए के माध्यम से मिलेगा राशन

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि यह व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लीकेज रोकने, सब्सिडी के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और लाभार्थियों तक शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ खाद्यान्न पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी। डिजिटल रुपया केवल राशन खरीदने के लिए ही उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सरकारी सहायता का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं हो सकेगा। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि योजना के तहत सबसे पहले लाभार्थियों के आधार और राशन कार्ड के डेटा का मिलान, मोबाइल नंबर का सत्यापन तथा ई-केवायसी किया जाएगा। इसके बाद हितग्राहियों को पीएनबी डिजिटल रुपया मोबाइल ऐप पर ऑनबोर्ड किया जाएगा। साथ ही सभी उचित मूल्य दुकानों को क्यूआर आधारित सीबीडीसी भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा और विक्रेताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

कैशलेस, पेपरलेस और पारदर्शी होगी योजना

मंत्री राजपूत ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, मध्यप्रदेश खाद्य विभाग, पंजाब नेशनल बैंक, एनआईसी तथा अन्य तकनीकी एजेंसियों के बीच कई दौर की बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसे भोपाल और इंदौर की सभी उचित मूल्य दुकानों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां डिजिटल रुपया सीधे जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम बनेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल न केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को कैशलेस, पेपरलेस और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि भविष्य में अन्य कल्याणकारी योजनाओं में भी सीबीडीसी के उपयोग का रास्ता खोल सकती है।

क्यों खास है सबसे बड़ा डिजिटल प्रयोग

  • राशन वितरण में पहली बार डिजिटल रुपए का उपयोग।
  • लाभार्थी के मोबाइल वॉलेट में सीधे मिलेगा राशन का डिजिटल टोकन
  • क्यूआर कोड स्कैन कर किसी भी उचित मूल्य दुकान से मिलेगा राशन
  • सब्सिडी का दुरुपयोग और लीकेज रोकने में मिलेगी मदद
  • भोपाल और इंदौर से शुरू होगा प्रदेश का सबसे बड़ा डिजिटल पीडीएस प्रयोग
  • सफल होने पर पूरे प्रदेश और देश में लागू होने का रास्ता होगा आसान

ये भी पढ़ें

मध्यप्रदेश में डिजिटल रुपए से राशन योजना क्या है?

यह एक पायलट परियोजना है, जिसके तहत पात्र हितग्राहियों को CBDC (केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा) के माध्यम से डिजिटल टोकन देकर राशन उपलब्ध कराया जाएगा।

इस योजना की शुरुआत किन शहरों से होगी?

योजना की शुरुआत भोपाल और इंदौर की उचित मूल्य दुकानों से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी।

लाभार्थियों को राशन कैसे मिलेगा?

हर महीने पात्रता के अनुसार डिजिटल टोकन लाभार्थी के मोबाइल वॉलेट में भेजा जाएगा। उचित मूल्य दुकान पर QR कोड स्कैन करके उसी टोकन से राशन प्राप्त किया जा सकेगा।

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा क्या होगा?

इससे सब्सिडी के दुरुपयोग और राशन वितरण में लीकेज को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया कैशलेस, पेपरलेस और अधिक पारदर्शी बनेगी।

योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?

लाभार्थियों को आधार और राशन कार्ड का सत्यापन, मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन, ई-केवाईसी और डिजिटल वॉलेट (PNB Digital Rupee App) पर ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।