(Gold Silver Rate Today 06 Aug 2026/ Image Credit: AI-generated)
बिजनेस: Gold Silver Rate Today 06 Aug 2026: सिर्फ 48 घंटों में सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Rate Today) में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर बुधवार रात 24 कैरेट सोना 1,48,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी 2,27,490 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले सोमवार को सोना 1,42,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। यानी सिर्फ दो दिनों में सोना 5,750 रुपये महंगा हो गया। वहीं चांदी भी 2,16,506 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,27,590 रुपये पर पहुंच गई। इस तरह चांदी की कीमत (Silver Price Today) में 11,084 रुपये की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली।
हालिया तेजी के बावजूद सोना और चांदी (Gold Silver Price Today) अभी भी अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं। एमसीएक्स के आंकड़ों के मुताबिक, 29 जनवरी को सोने ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। मौजूदा कीमत इससे करीब 44,446 रुपये कम है। इसी तरह चांदी का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो रहा है। मौजूदा भाव इस रिकॉर्ड स्तर से करीब 1,92,458 रुपये नीचे हैं। यानी हाल की तेजी के बाद भी दोनों कीमती धातुएं अपने उच्चतम स्तर तक नहीं पहुंची हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Price Today) में मजबूती देखने को मिली। सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया और एक दिन पहले इसमें 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई जो फरवरी के बाद की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है। सिंगापुर बाजार में भी सोना बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी की कीमतों में भी सुधार आया और यह 62 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई।
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत को माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और विवाद को समझौते के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही ईरान और ओमान से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इससे तेल की कीमतों पर दबाव कुछ कम हुआ है और वैश्विक बाजार का माहौल पहले के मुकाबले बेहतर हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों का असर सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Rate Today) पर आगे भी पड़ सकता है। पहले जहां इस साल ब्याज दरों में दो बार बदलाव की संभावना जताई जा रही थी, वहीं अब केवल एक बार बदलाव की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों के फैसलों और कीमती धातुओं की आगे की कीमतों पर बनी रहेगी।