मुंबई, 24 सितंबर (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी के निदेशक मंडल ने बृहस्पतिवार को पोर्टफोलियो प्रबंधक नियमों में व्यापक बदलाव समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को भौतिक रूप से निपटाए जाने वाले गैर-कृषि जिंस डेरिवेटिव अनुबंधों में भाग लेने की अनुमति देने का भी फैसला किया गया।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पोर्टफोलियो प्रबंधकों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और प्राथमिक बाजार में ऋण प्रतिभूतियों के निर्गम में निवेश की अनुमति देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य उनके लिए निवेश के दायरे को बढ़ाना है।
इसके अलावा, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी) और शेयर बाजार में सूचीबद्ध इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट (इनविट) को अनुमत विदेशी न्यायक्षेत्रों में डिपॉजिटरी रसीदें (डीआर) जारी करने की अनुमति दी गई।
सेबी के निदेशक मंडल ने मान्यता-प्राप्त निवेशकों का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया। इसके तहत प्रतिभूति बाजार में पांच करोड़ रुपये की संपत्ति रखने वाले व्यक्ति और 20 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति रखने वाली कंपनियां, मौजूदा आय और कुल संपत्ति संबंधी मानदंडों के साथ, मान्यता-प्राप्त निवेशक बनने के पात्र होंगी।
इस कदम का उद्देश्य मान्यता-प्राप्त निवेशकों का दायरा बढ़ाना और वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
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प्रेम अजय
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