कंपनियों के ‘बॉस’ के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे साइबर ठग, सेबी ने किया आगाह

कंपनियों के 'बॉस' के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे साइबर ठग, सेबी ने किया आगाह

कंपनियों के ‘बॉस’ के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे साइबर ठग, सेबी ने किया आगाह
Modified Date: July 17, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: July 17, 2026 7:28 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को साइबर धोखाधड़ी के एक नए तरीके ‘बॉस स्कैम’ को लेकर सतर्क किया। इस फर्जीवाड़े में ठग खुद को कंपनी के सीईओ, एमडी या वरिष्ठ अधिकारी बताकर कर्मचारियों को पैसे ‘ट्रांसफर’ करने का निर्देश देते हैं।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने साइबर धोखाधड़ी के ऐसे मामलों में बढ़ोतरी को लेकर आगाह किया है।

‘बॉस स्कैम’ धोखाधड़ी के तहत साइबर ठग ईमेल, व्हाट्सऐप, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स और अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए फर्जी संदेश या कॉल कर कंपनी के वित्त या लेखा कर्मचारियों को तुरंत पैसे भेजने के निर्देश देते हैं।

नियामक ने बताया कि अब ठग कृत्रिम मेधा (एआई) क्षमता का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वे आवाज की नकल (वॉयस क्लोनिंग) और डीपफेक वीडियो कॉल के जरिए खुद को असली अधिकारी जैसा दिखाने की कोशिश करते हैं, जिससे धोखा पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है।

इसके अलावा, साइबर ठग ‘जिप’ फाइल भेजकर भी लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। इन फाइल में खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है। जैसे ही इसे कंप्यूटर पर खोला जाता है, यह व्हाट्सऐप वेब अकाउंट को हैक कर लेता है और उसी के जरिए कर्मचारियों को फर्जी भुगतान निर्देश भेजे जाते हैं।

सेबी ने कहा कि कुछ मामलों में साइबर अपराधी हैक किए गए फोन में छेड़छाड़ कर अपने नंबर को कंपनी के सीईओ या एमडी के नाम से लिख देते हैं, ताकि कर्मचारी बिना शक किए पैसे भेज दें।

कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के नाम पर की जाने वाली इन धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए सेबी ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय निर्देश को सीधे संबंधित वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर पुष्टि किए बिना लागू न करें। साथ ही, केवल सोशल मीडिया या मैसेज के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें और किसी भी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने से बचें।

नियामक ने यह भी कहा कि व्हाट्सऐप वेब के निष्क्रिय सत्रों को तुरंत लॉगआउट करें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की घटना होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या ‘साइबर क्राइम’ पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


लेखक के बारे में